NEET पेपर लीक मामला: लखनऊ में छात्रों का कैंडल मार्च, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

Lucknow: नीट पेपर लीक मामले ने अब एक बड़ा मोड़ ले लिया है। लखनऊ में प्रभावित छात्रों की याद में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें उन 20 छात्रों को याद किया गया जिन्होंने इस तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। छात्रों ने शिक्षा व्

Lucknow: नीट पेपर लीक मामले ने अब एक बड़ा मोड़ ले लिया है। लखनऊ में प्रभावित छात्रों की याद में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें उन 20 छात्रों को याद किया गया जिन्होंने इस तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

लखनऊ में विरोध प्रदर्शन काफी तेज रहा। यूनिवर्सिटी में छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं, जिसके बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया। इससे पहले 24 जुलाई को भी युवाओं ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के समर्थन में मार्च निकाला था। अब प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

सरकार ने इस मामले में कई कड़े कदम उठाए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को भी हटा दिया गया है। साथ ही, केंद्र सरकार एक नया कानून लाने जा रही है। नए विधेयक के मुताबिक पेपर लीक करने वालों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

मामलों की जल्द सुनवाई के लिए दिल्ली, बॉम्बे, मध्य प्रदेश और कलकत्ता उच्च न्यायालयों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार भी चार फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी ताकि तीन महीने में मुकदमों का निपटारा हो सके। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में भी एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट शुरू किया गया है।

मुख्य अपडेट विवरण
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी को प्रभार
NTA कार्रवाई 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी
नया कानून 10 साल जेल और 10 करोड़ जुर्माना
CBI जांच प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी समेत 13 पर चार्जशीट की तैयारी
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सुप्रीम कोर्ट 3 अगस्त को अगली सुनवाई, केंद्र से हलफनामा मांगा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 37 दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग मान ली है। CBI जांच में संजीव कुमार मुखिया को सबूतों की कमी के कारण क्लीन चिट दे दी गई है।