Maharashtra: NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच अब और गहरी होती जा रही है। CBI ने लातूर के मशहूर Renukai Chemistry Classes (RCC) के फाउंडर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने शहर के ओल्ड औसा रोड इ
Maharashtra: NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच अब और गहरी होती जा रही है। CBI ने लातूर के मशहूर Renukai Chemistry Classes (RCC) के फाउंडर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने शहर के ओल्ड औसा रोड इलाके में एक डॉक्टर से भी पूछताछ की है और कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
CBI ने क्या सबूत जुटाए और किसे पकड़ा
CBI ने शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर दिल्ली की कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें 9 दिन की रिमांड मिली है। छापेमारी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल से 23 अप्रैल 2026 का एक लीक प्रश्न पत्र मिला है, जो परीक्षा से 10 दिन पहले का था। इसके अलावा, उनके संस्थान और घर से एक केमिस्ट्री क्वेश्चन बैंक भी मिला है, जिसके सवाल असली परीक्षा के सवालों से बिल्कुल मिलते-जुलते थे। अब इस मोबाइल का फॉरेंसिक टेस्ट कराया जाएगा।
जांच का दायरा लातूर से नांदेड़ और पुणे तक बढ़ा
इस मामले की जांच अब लातूर से निकलकर नांदेड़ और पुणे तक पहुंच गई है। नांदेड़ में एक अभिभावक पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए 5 लाख रुपये में लीक पेपर खरीदा था। वहीं, पुणे की रहने वाली मनीषा मंडहारे को 14 दिन की CBI रिमांड मिली है। मनीषा NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थीं और उन पर बायोलॉजी पेपर लीक करने की साजिश रचने का आरोप है।
कौन-कौन लोग इस जाल में फंसे
- शिवराज मोटेगांवकर: RCC क्लासेस के फाउंडर, जिन्होंने पेपर सर्कुलेट करने में मदद की।
- पी वी कुलकर्णी: लातूर के रिटायर्ड प्रोफेसर और NTA एक्सपर्ट, जिन्हें इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
- मनीषा मंडहारे: पुणे की बॉटनी प्रोफेसर, जिन पर पेपर लीक करने का आरोप है।
- अन्य गिरफ्तार: मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे और शुभम खैरणार भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NEET-UG परीक्षा क्यों रद्द की गई थी
3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा को 12 मई 2026 को रद्द कर दिया गया था क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक होने के आरोप लगे थे।
CBI को मुख्य आरोपी के पास से क्या मिला
CBI को शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल से परीक्षा से 10 दिन पहले का लीक पेपर और उनके संस्थान से एक ऐसा क्वेश्चन बैंक मिला जिसके सवाल असली एग्जाम जैसे ही थे।