Haryana: दिल्ली-एनसीआर के औद्योगिक इलाकों में न्यूनतम वेतन को लेकर मजदूरों और फैक्ट्री मालिकों के बीच तनाव बढ़ गया है। CITU ने पूरे एनसीआर क्षेत्र के लिए 23,196 रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन की मांग रखी है। इस मांग के बाद
Haryana: दिल्ली-एनसीआर के औद्योगिक इलाकों में न्यूनतम वेतन को लेकर मजदूरों और फैक्ट्री मालिकों के बीच तनाव बढ़ गया है। CITU ने पूरे एनसीआर क्षेत्र के लिए 23,196 रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन की मांग रखी है। इस मांग के बाद फरीदाबाद और पलवल जैसे इलाकों में मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
वेतन वृद्धि को लेकर क्या है पूरा विवाद
हरियाणा सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन में करीब 35% की बढ़ोतरी की थी, जिसके तहत अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,274.60 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये किया गया। लेकिन CITU का कहना है कि 29 दिसंबर 2025 को एक कमेटी ने 23,196 रुपये की राशि तय की थी, जिसे लागू किया जाना चाहिए। वहीं, गुरुग्राम, पानीपत और फरीदाबाद के औद्योगिक संगठन कह रहे हैं कि वे इतनी ज्यादा रकम देने में असमर्थ हैं।
मजदूरों का विरोध और प्रशासन की तैयारी
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर 13 अप्रैल को फरीदाबाद और पलवल में हजारों मजदूरों ने प्रदर्शन किया। CITU ने 16 अप्रैल 2026 को सभी जिला कलेक्टर कार्यालयों पर बड़े स्तर पर भीड़ जुटाने का आह्वान किया है। स्थिति को देखते हुए फरीदाबाद पुलिस ने अलर्ट जारी किया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
मुख्य आंकड़े और सरकारी निर्देश
| विवरण |
राशि/जानकारी |
| हरियाणा सरकार द्वारा संशोधित वेतन |
15,220 रुपये |
| CITU की न्यूनतम वेतन मांग |
23,196 रुपये |
| वेतन वृद्धि का प्रतिशत |
35% तक |
| प्रभावी तिथि |
1 अप्रैल 2026 |
| तैनात पुलिस बल (फरीदाबाद) |
1,500+ कर्मी |
फरीदाबाद के डिप्टी कमिश्नर आयुष सिन्हा ने जिले की सभी फैक्ट्रियों को निर्देश दिया है कि वे सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार वेतन वृद्धि की जानकारी अपने मजदूरों को दें। दूसरी ओर, CPI(M) ने मजदूरों के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा करते हुए उनके खिलाफ दर्ज सभी केस वापस लेने की मांग की है।