Mumbai University कैंपस के बाहर NCP (SP) का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर सोमवार को NCP (SP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) के मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई और एक्टिविस्ट

Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर सोमवार को NCP (SP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) के मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई और एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk को जंतर मंतर से हटाए जाने के विरोध में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग की।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुंबई यूनिट के अध्यक्ष और पूर्व MLA Milind Anna Kamble, Amol Matele और Vaibhav Gadhave ने किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि NEET परीक्षा में पेपर लीक और शिक्षा क्षेत्र में हो रही गड़बड़ियों की वजह से धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से हटना चाहिए। इस मांग का समर्थन NCP (SP) के प्रदेश अध्यक्ष Shashikant Shinde, शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले समेत कांग्रेस और CPI(M) के नेताओं ने भी किया है।

मामले की जड़ दिल्ली में हुए घटनाक्रम से जुड़ी है। 18 जुलाई 2026 को Sonam Wangchuk को जंतर मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां वे 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उनकी बिगड़ती सेहत और कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें अस्पताल शिफ्ट किया गया। वहीं 20 जुलाई को CJP के कार्यकर्ताओं ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया।

दूसरी तरफ, मुंबई पुलिस ने शहर में शांति बनाए रखने के लिए 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक धारा 144 जैसे पाबंदियां लगा दी हैं। इस आदेश के तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। NCP प्रवक्ता Anish Gawande ने इन नियमों को असंवैधानिक बताया है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री J.P. Nadda ने CJP के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी मांगों पर आंतरिक चर्चा का आश्वासन दिया है और प्रदर्शन खत्म करने की अपील की है।