Maharashtra: नवी मुंबई के वेटलैंड्स एक बार फिर हजारों प्रवासी फ्लेमिंगो (राजहंस) के आने से गुलाबी नजर आ रहे हैं। मई 2026 में इन पक्षियों की भारी मौजूदगी ने प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित किया है। हालांकि इस साल पक्षी देर स
Maharashtra: नवी मुंबई के वेटलैंड्स एक बार फिर हजारों प्रवासी फ्लेमिंगो (राजहंस) के आने से गुलाबी नजर आ रहे हैं। मई 2026 में इन पक्षियों की भारी मौजूदगी ने प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित किया है। हालांकि इस साल पक्षी देर से पहुंचे हैं और उनकी संख्या पहले से कम है। इस प्राकृतिक नजारे के बीच अब इन इलाकों को बचाने और उनके कानूनी दर्जे को लेकर विवाद बढ़ गया है।
फ्लेमिंगो के आने का समय क्यों बदला
आमतौर पर ये पक्षी अक्टूबर-नवंबर में आते हैं और मार्च तक रुकते हैं। लेकिन 2026 में इनका आगमन काफी देर से हुआ, जिससे मई का महीना इनके देखने के लिए मुख्य समय बन गया। जानकारों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और गुजरात में पानी की उपलब्धता की वजह से यह बदलाव आया है। दिसंबर में कुछ पक्षी दिखे थे, लेकिन वे वापस गुजरात चले गए क्योंकि शायद यहां की स्थिति उनके अनुकूल नहीं थी।
वेटलैंड्स के दर्जे पर क्यों मचा है बवाल
ठाणे जिला स्तरीय वेटलैंड कमेटी ने NRI-फ्लेमिंगो पॉइंट, टी एस चाणक्य, डीपीएस झील और लोटस लेक जैसे कई अहम इलाकों को वेटलैंड की श्रेणी से बाहर कर दिया है। कमेटी का कहना है कि ये इलाके कृत्रिम हैं या पहले से ही डेवलपमेंट जोन में आते हैं। जिला कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल ने कहा कि यह फैसला डेटा और रिकॉर्ड के आधार पर लिया गया है, हालांकि इसमें और विशेषज्ञों की राय ली जाएगी।
पर्यावरणविदों ने क्यों जताया विरोध
NatConnect Foundation और NMEPS जैसे संगठनों ने इस फैसले को गलत बताया है। उनका कहना है कि ये इलाके ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंचुअरी का हिस्सा हैं और इन्हें कानूनी सुरक्षा मिलना जरूरी है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर वेटलैंड का दर्जा हटा, तो इन इलाकों में निर्माण कार्य बढ़ेंगे और पक्षियों के आवास खत्म हो जाएंगे। कुछ झीलों के पानी में सीवेज और गंदगी की वजह से जहरीलापन बढ़ा है, जिससे पक्षी वहां नहीं जा पा रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नवी मुंबई में फ्लेमिंगो इस बार देर से क्यों आए?
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन, मानसून जैसी स्थिति और गुजरात में पानी की उपलब्धता की वजह से फ्लेमिंगो के आने के समय में बदलाव हुआ है।
किन झीलों को वेटलैंड की श्रेणी से बाहर करने का प्रस्ताव है?
कमेटी ने NRI-फ्लेमिंगो पॉइंट, टी एस चाणक्य, डीपीएस लेक, ज्वेल ऑफ नवी मुंबई, लोटस लेक, गणेश मंदिर लेक, गोठीवली लेक, जीजामाता क्रीक और निलजे लेक को बाहर करने का सुझाव दिया है।