Navi Mumbai और Panvel में भीषण गर्मी से बिजली संकट, बार-बार कट और वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान

Maharashtra/Navi Mumbai: भीषण गर्मी और हीटवेव की वजह से नवी मुंबई और पनवेल इलाके में बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। इस वजह से इलाके में बार-बार पावर कट और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या हो रही है, जिससे आम जनता में काफ

Maharashtra/Navi Mumbai: भीषण गर्मी और हीटवेव की वजह से नवी मुंबई और पनवेल इलाके में बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। इस वजह से इलाके में बार-बार पावर कट और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या हो रही है, जिससे आम जनता में काफी गुस्सा है। बिजली की मांग में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है, जिसने स्थानीय बिजली वितरण नेटवर्क की कमजोरियों को सबके सामने ला दिया है।

MSEDCL के अधिकारियों, जिनमें सुपरिटेंडिंग इंजीनियर दीपक पाटिल और ममता पांडे शामिल हैं, ने बताया कि बिजली की खपत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। साथ ही पुरानी लो-टेंशन (LT) लाइनें खराब हो रही हैं और मरम्मत के सामान की कमी है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के मुकाबले बिजली का नेटवर्क अपडेट नहीं हो पाया है, जिससे यह संकट खड़ा हुआ है।

इस समस्या को लेकर पनवेल तालुका में ऊर्जा राज्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डिकर ने समीक्षा बैठक की है। बिजली कटौती से नाराज लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया है। सांसद नरेश म्हस्के और युवा सेना नेता अनिकेत म्हात्रे के नेतृत्व में शिव सेना कार्यकर्ताओं ने MSEDCL दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन कर बुनियादी ढांचे को सुधारने की मांग की है।

सबसे ज्यादा असर इन इलाकों में देखा जा रहा है:

  • NMMC क्षेत्र: ऐरोली, घणसोली, कोपरखैरणे, तुर्भे, नेरुल, वाशी, सानपाडा और CBD बेलापुर।
  • PMC क्षेत्र: कामोथे, कलंबोली, खारघर, उलवे, नवदे, न्यू पनवेल और करंजदे।

कामोथे में एक लाख से ज्यादा लोग रहते हैं लेकिन वहां सिर्फ एक सबस्टेशन है, जिससे वहां ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। वहीं कलंबोली की बिजली सप्लाई तलोजा सबस्टेशन से होकर जाती है।

सरकार ने MSEDCL को निर्देश दिया है कि पनवेल और आसपास के इलाकों में बुनियादी ढांचे को तेजी से अपग्रेड किया जाए। इसमें कामोथे में 5 MVA का नया ट्रांसफार्मर लगाना और कलंबोली में केबल नेटवर्क को सुधारना शामिल है। साथ ही रबाले सबस्टेशन के शुरू होने से शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। सरकार ने बिजली चोरी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और घटिया काम करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए हैं।

पूरे महाराष्ट्र में बिजली की मांग पिछले तीन सालों में 24,000 MW से बढ़कर करीब 32,000 MW हो गई है और अनुमान है कि 2030 तक यह 44,000 MW तक पहुंच जाएगी। अकेले मुंबई में हाल ही में अधिकतम खपत 4,440 MW दर्ज की गई है।