Navi Mumbai के Pandavkada वाटरफॉल में डूबने से हादसा, पुलिस ने लगाया एंट्री बैन, इको-टूरिज्म की मांग तेज
Maharashtra/Navi Mumbai: खारघर के Pandavkada वाटरफॉल में पिछले कुछ दिनों में डूबने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। इस खतरे को देखते हुए नवी मुंबई पुलिस ने पर्यटकों के लिए यहां जाना पूरी तरह बैन कर दिया है। वहीं, पर्यावरण
Maharashtra/Navi Mumbai: खारघर के Pandavkada वाटरफॉल में पिछले कुछ दिनों में डूबने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। इस खतरे को देखते हुए नवी मुंबई पुलिस ने पर्यटकों के लिए यहां जाना पूरी तरह बैन कर दिया है। वहीं, पर्यावरण विशेषज्ञों ने सरकार से मांग की है कि पुराने ठंडे पड़े इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया जाए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
जानकारी के मुताबिक, 3 और 4 जुलाई 2026 को Pandavkada वाटरफॉल में अलग-अलग हादसों में दो युवकों के डूबने की खबर आई। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने 4 जुलाई को खारघर और तलोजा के सभी खतरनाक मानसून स्पॉट्स पर एंट्री बैन कर दिया। यह पाबंदी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2026 की धारा 163 के तहत लगाई गई है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय जोशी ने बताया कि यह फैसला लोगों की सुरक्षा के लिए लिया गया है और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
इस बीच, ज्योति नादकर्णी और बी.एन. कुमार जैसे पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र सरकार से अपील की है कि वे इस जगह को वैज्ञानिक तरीके से मैनेज करें। उनका कहना है कि सिर्फ बैन लगाने से काम नहीं चलेगा क्योंकि लोग चोरी-छिपे अनौपचारिक रास्तों से अंदर चले जाते हैं और हादसे होते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट को लागू किया जाए, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे और लोग सुरक्षित तरीके से प्रकृति का आनंद ले पाएंगे।
बता दें कि जुलाई 2022 में तत्कालीन सरकार ने इस इलाके के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन वह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। मई 2025 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पर्यटन विभाग को इस प्रस्ताव की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। फिलहाल, CIDCO ने पहले ही इस इलाके को रिस्क जोन घोषित कर रखा है और जून 2026 के गाइडलाइंस में भी इसे मानसून के दौरान बहुत खतरनाक बताया गया है।