Maharashtra: नवी मुंबई के नेरुल इलाके में स्थित NRI Complex की झील इन दिनों गुलाबी रंग से सराबोर है। यहाँ हजारों की संख्या में प्रवासी Flamingos (राजहंस) पहुंचे हैं, जिसे देखने के लिए प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफर्स बड़ी
Maharashtra: नवी मुंबई के नेरुल इलाके में स्थित NRI Complex की झील इन दिनों गुलाबी रंग से सराबोर है। यहाँ हजारों की संख्या में प्रवासी Flamingos (राजहंस) पहुंचे हैं, जिसे देखने के लिए प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफर्स बड़ी संख्या में जुट रहे हैं। आमतौर पर ये पक्षी नवंबर से मार्च के बीच आते हैं, लेकिन इस बार ये अप्रैल और मई तक रुक गए हैं।
Flamingos के देर से आने और रुकने की क्या है वजह?
विशेषज्ञों और बर्डवाचर्स का कहना है कि इस बार मौसम में बदलाव और गुजरात में ज्यादा समय तक पानी रुकने की वजह से ये पक्षी देरी से पहुंचे। संरक्षणवादी राहुल खोत के मुताबिक, राजहंस पानी और भोजन की तलाश में प्रवास करते हैं और गुजरात में अच्छी बारिश की वजह से वे वहां ज्यादा रुके। Ornithologist आदेश शिवकर ने इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत बताया है और कहा कि इस बार पक्षी मुख्य रूप से NRI Lake में ही सिमट कर रह गए हैं।
झील के संरक्षण और विकास को लेकर क्या है विवाद?
ठाणे जिला वेटलैंड मॉनिटरिंग कमेटी ने NRI वेटलैंड और DPS Lake समेत आठ जल निकायों को ‘वेटलैंड’ के रूप में मान्यता न देने की सिफारिश की है। कमेटी और CIDCO का तर्क है कि ये जगहें कृत्रिम हैं और शहरी विकास क्षेत्र में आती हैं। हालांकि, राज्य के वन और मैंग्रोव विभाग ने इस फैसले का विरोध किया है और इन साइटों को कानूनी सुरक्षा देने की मांग की है।
NGT का आदेश और पर्यावरणविदों की चिंता
National Green Tribunal (NGT) ने 4 मई 2026 को CIDCO को निर्देश दिया कि वह SACON जैसी विशेषज्ञ एजेंसी से एक वैज्ञानिक अध्ययन कराए। इसमें यह देखा जाएगा कि स्ट्रीट लाइटिंग और निर्माण कार्यों का राजहंसों के आवास पर क्या असर पड़ रहा है। NatConnect Foundation के बी एन कुमार ने चेतावनी दी है कि DPS Flamingo Lake में बढ़ते प्रदूषण और सीवेज के झाग की वजह से पक्षी वहां से दूर जा रहे हैं, जो पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नेरुल की NRI झील में फ्लेमिंगोस कब तक रुके हुए हैं?
आम तौर पर ये पक्षी मार्च तक चले जाते हैं, लेकिन इस साल वे अप्रैल और मई 2026 तक नवी मुंबई के इलाके में रुके हुए हैं।
वेटलैंड स्टेटस को लेकर विवाद क्या है?
ठाणे जिला कमेटी इन्हें कृत्रिम मानकर वेटलैंड घोषित नहीं करना चाहती, जबकि वन विभाग और पर्यावरणवादी इन्हें कानूनी संरक्षण देने की मांग कर रहे हैं।