Maharashtra: Navi Mumbai के Nerul इलाके में स्थित DPS Flamingo Lake को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। CIDCO ने इस 12 हेक्टेयर वेटलैंड की रियल एस्टेट वैल्यू 3,600 करोड़ रुपये आंकी है। इस फैसले के बाद स्थानीय निवासी और पर्यावर
Maharashtra: Navi Mumbai के Nerul इलाके में स्थित DPS Flamingo Lake को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। CIDCO ने इस 12 हेक्टेयर वेटलैंड की रियल एस्टेट वैल्यू 3,600 करोड़ रुपये आंकी है। इस फैसले के बाद स्थानीय निवासी और पर्यावरण कार्यकर्ता काफी नाराज हैं और इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।
CIDCO ने झील की कीमत क्यों लगाई और क्या है दलील?
CIDCO का कहना है कि यह जमीन भविष्य के विकास के लिए तय की गई थी। एजेंसी के मुताबिक, अगर इस इलाके को ‘कंजर्वेशन रिजर्व’ यानी संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया, तो सरकार को करीब 3,600 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। CIDCO ने गणना की है कि इस जमीन की मार्केट रेट 300 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर है। बोर्ड ने अपने मैनेजिंग डायरेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वे राज्य सरकार से बात कर इसे संरक्षित क्षेत्र बनाने के प्रस्ताव को रुकवाएं।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं और सरकार का क्या कहना है?
दूसरी तरफ, State Wildlife Board ने अप्रैल 2025 में ही इस झील को संरक्षित करने का प्रस्ताव पास कर दिया था। वन मंत्री Ganesh Naik ने भी इस झील को बचाने का समर्थन किया है। मार्च 2026 में पर्यावरणविदों ने यहाँ ‘वेटलैंड इमरजेंसी’ घोषित की थी क्योंकि लैब टेस्ट में झील का पानी जहरीला पाया गया था। केंद्र सरकार के MoEFCC ने भी महाराष्ट्र राज्य वेटलैंड अथॉरिटी को इस गिरावट पर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
संरक्षण और विकास के बीच फंसी DPS Flamingo Lake
इस मामले में अब राज्य सरकार के GR (Government Resolution) का इंतजार है। जहाँ एक तरफ BNHS और Wildlife Institute of India जैसे संस्थान इसे बचाने की सलाह दे रहे हैं, वहीं CIDCO इसे विकास के लिए जरूरी बता रहा है। Wetlands Rules 2017 के तहत ऐसी जगहों पर निर्माण कार्य और कचरा डालना मना है, लेकिन CIDCO इसे ‘गलती से’ संरक्षण के लिए प्रस्तावित बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
CIDCO ने Flamingo Lake की कीमत कितनी लगाई है?
CIDCO ने Nerul स्थित 12 हेक्टेयर की इस झील की रियल एस्टेट वैल्यू 3,600 करोड़ रुपये लगाई है।
पर्यावरण प्रेमी इस फैसले से क्यों नाराज हैं?
कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण वेटलैंड है जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए, जबकि CIDCO इसे विकास के लिए इस्तेमाल करना चाहता है।