Maharashtra: नवी मुंबई के बेलापुर कोर्ट ने APMC के दो अधिकारियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। ये दोनों अफसर एक ठेकेदार से 1.4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे। अब दोनों आरोपी 5 जून तक तलोजा जेल में
Maharashtra: नवी मुंबई के बेलापुर कोर्ट ने APMC के दो अधिकारियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। ये दोनों अफसर एक ठेकेदार से 1.4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे। अब दोनों आरोपी 5 जून तक तलोजा जेल में रहेंगे।
रिश्वत का मामला क्या था और कैसे हुई गिरफ्तारी
ACB के डिप्टी SP धर्मराज सोनके के मुताबिक, एक ठेकेदार को APMC मार्केट एरिया में नालों की सफाई और रखरखाव का काम मिला था। इस काम की कुल बिलिंग राशि 11.92 लाख रुपये थी। आरोप है कि अधिकारियों ने 9.78 लाख रुपये के बिल पर 15 प्रतिशत कमीशन के तौर पर 1.46 लाख रुपये मांगे थे। बातचीत के बाद यह रकम 1.40 लाख रुपये तय हुई। 19 मई को वाशी स्थित APMC प्रशासनिक भवन की पहली मंजिल पर जाल बिछाया गया, जहाँ समीर म्हात्रे और दीपक आवते को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी अधिकारी
इस मामले में दो मुख्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दीपक आवते (40 वर्ष) शामिल हैं, जो APMC में डिप्टी सेक्रेटरी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं सैनिटेशन विभाग के प्रभारी थे। दूसरे आरोपी समीर म्हात्रे (55 वर्ष) हैं, जो सैनिटेशन ऑफिसर और इंजीनियरिंग विभाग में जनरेटर ऑपरेटर के तौर पर तैनात थे। दोनों के खिलाफ APMC पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
कोर्ट का फैसला और मौजूदा स्थिति
23 मई 2026 को बेलापुर कोर्ट ने दोनों आरोपियों की बेल अर्जी को नामंजूर कर दिया। कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। फिलहाल दोनों अधिकारी तलोजा जेल में बंद हैं और उनकी हिरासत 5 जून तक रहेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
APMC अधिकारियों ने कितनी रिश्वत मांगी थी?
अधिकारियों ने बिलिंग राशि का 15 प्रतिशत कमीशन मांगा था, जो करीब 1.46 लाख रुपये था, लेकिन बाद में यह सौदा 1.40 लाख रुपये में तय हुआ था।
गिरफ्तार अधिकारियों के नाम और पद क्या हैं?
गिरफ्तार अधिकारी दीपक आवते (डिप्टी सेक्रेटरी) और समीर म्हात्रे (सैनिटेशन ऑफिसर) हैं।