Lucknow के अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में मनाया गया राष्ट्रीय सुदूर संवेदन दिवस, छात्रों ने जानी स्पेस टेक्नोलॉजी की बारीकियां
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बुधवार को राष्ट्रीय सुदूर संवेदन दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के जरिए छात्राओं को अंतरिक्ष तकनीक और आधुनिक भूगोल में इसके इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताया गया। यह
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बुधवार को राष्ट्रीय सुदूर संवेदन दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के जरिए छात्राओं को अंतरिक्ष तकनीक और आधुनिक भूगोल में इसके इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताया गया। यह दिन हर साल 12 अगस्त को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक प्रोफेसर विक्रम साराभाई की जयंती के मौके पर मनाया जाता है।
इस मौके पर छात्रों को यह जानकारी दी गई कि कैसे स्पेस टेक्नोलॉजी और AI का उपयोग करके भूगोल की समस्याओं को समझा जा सकता है। इसी दिन भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (IIST) ने भी ‘भू-उपयोग प्रणालियों के लिए उपग्रह सुदूर संवेदन’ विषय पर एक ऑनलाइन एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया। बता दें कि ISRO का राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) उपग्रह डेटा इकट्ठा करने और आपदा प्रबंधन जैसे जरूरी कामों के लिए जिम्मेदार है।
लखनऊ और आसपास के इलाकों में अंतरिक्ष और AI को लेकर काफी तेजी आई है। मार्च 2026 में AKTU में 150 करोड़ रुपये के बजट से स्पेस टेक्नोलॉजी और AI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की मंजूरी मिली थी। साथ ही लखनऊ में एक AI सिटी के लिए भी मंजूरी दी गई है, जिसमें 10,732 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होने की उम्मीद है। इससे शहर में नए स्टार्टअप और हाई-टेक बुनियादी ढांचे विकसित होंगे।
उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी ऐसी पहल हो रही हैं। 11 अगस्त 2026 को गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) को देश की पहली ‘अंतरिक्ष प्रयोगशाला’ बनाने के लिए चुना गया है। इसके लिए 6.5 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, जिससे छात्रों को रिसर्च और ट्रेनिंग के मौके मिलेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार ने अगस्त 2026 में ‘SOAR’ नाम की एक योजना शुरू की है, ताकि कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली बच्चों और शिक्षकों में AI की समझ बढ़ाई जा सके।