Lucknow में नेशनल ज्वेलर्स मीट 2026 का आयोजन, UP के आभूषण उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर चर्चा
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित रेजेंटा सेंट्रल होटल में गुरुवार, 8 जुलाई 2026 को नेशनल ज्वेलर्स मीट 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित रेजेंटा सेंट्रल होटल में गुरुवार, 8 जुलाई 2026 को नेशनल ज्वेलर्स मीट 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) द्वारा किया गया। बैठक का मुख्य मकसद राज्य के रत्न और आभूषण उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और यहां के स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना था।
बैठक के दौरान हॉलमार्किंग को बढ़ावा देने, व्यापार की सुरक्षा बढ़ाने और निर्यात को आगे ले जाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया। AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार और नई सरकारी नीतियों के हिसाब से आभूषण उद्योग को अपडेट करना जरूरी है। उन्होंने व्यापारियों से एकजुट होने की अपील की ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़े और भारत दुनिया के ज्वेलरी बाजार में एक बड़ा नाम बन सके।
कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और विशेषज्ञों ने अपना मार्गदर्शन दिया। AIJGF के प्रदेश अध्यक्ष मनीष वर्मा ने व्यापारियों को एक मजबूत और संगठित मंच देने की बात कही, जबकि संयोजक विनोद माहेश्वरी ने बताया कि ऐसे आयोजनों से व्यापारियों को आधुनिक तकनीक और नेटवर्किंग के नए मौके मिलते हैं।
| विषय/विशेषज्ञ | मुख्य चर्चा और जानकारी |
|---|---|
| GJEPC मुंबई टीम | ज्वेलरी निर्यात और वैश्विक व्यापार की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया |
| चेतन भंडारी (IGM) | AI-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ज्वेलरी बिजनेस में बदलाव का प्रदर्शन किया |
| नितिन पांडे (मुंबई) | ज्वेलरी बीमा से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी |
| विशेषज्ञ पैनल | BIS हॉलमार्किंग और बीएनएस की धारा 317 पर मार्गदर्शन दिया |
इस मौके पर पवन अग्रवाल (संयुक्त निर्यात आयुक्त), सुरेंद्र सिंह (राज्य जीएसटी आयुक्त), कुमार प्रशांत (सचिव, राज्य सूचना आयोग), सुनील कुमार वर्मा (डीआरएम) और बबलू कुमार (संयुक्त पुलिस आयुक्त) जैसे सरकारी अधिकारी भी मौजूद रहे।
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठा रही है। राज्य का वार्षिक आभूषण व्यापार 1 ट्रिलियन रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। इसी कड़ी में मेरठ को उत्तरी भारत के ज्वेलरी विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा और गोरखपुर में 100 करोड़ रुपये के निवेश से एक एकीकृत आभूषण विनिर्माण केंद्र बनाया जा रहा है।