Maharashtra: नासिक में गरीबों के लिए आरक्षित मकानों के कोटे में हुई धांधली को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। राजस्व मंत्री Chandrashekhar Bawankule ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए
Maharashtra: नासिक में गरीबों के लिए आरक्षित मकानों के कोटे में हुई धांधली को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। राजस्व मंत्री Chandrashekhar Bawankule ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक Special Investigation Team (SIT) बनाई गई है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के निर्देश पर बनी यह टीम एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई धोखाधड़ी
नियम के मुताबिक, 4,000 वर्ग मीटर से बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में 20% जमीन या घर Economically Weaker Sections (EWS) और Low-Income Groups (LIG) के लिए MHADA के जरिए आरक्षित करना जरूरी है। आरोप है कि बिल्डरों ने फर्जी दस्तावेजों, नकली सील और साइन का इस्तेमाल कर इस नियम को ताक पर रखा। कई डेवलपर्स ने बड़े प्रोजेक्ट्स को छोटे टुकड़ों में बांटकर दिखाया ताकि उन्हें यह कोटा न देना पड़े।
SIT में कौन शामिल है और क्या होगी कार्रवाई
इस जांच टीम की कमान नासिक के डिविजनल कमिश्नर को सौंपी गई है। इसमें पुणे के सेटलमेंट कमिश्नर, रजिस्ट्रेशन इंस्पेक्टर जनरल, नासिक पुलिस कमिश्नर और टाउन प्लानिंग डायरेक्टर जैसे बड़े अधिकारी शामिल हैं। मंत्री Bawankule ने साफ कहा कि चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, गरीबों का हक मारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस मामले को Enforcement Directorate (ED) को भी भेजा जा सकता है।
अब तक की जांच में क्या खुलासे हुए
नासिक नगर निगम (NMC) से मिली जानकारी के बाद इस घोटाले की परतें खुली हैं। अब तक की कार्रवाई का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण |
संख्या/जानकारी |
| कुल पहचाने गए आरोपी |
197 व्यक्ति |
| कुल संदिग्ध प्रोजेक्ट्स |
49 प्रोजेक्ट्स |
| FIR में नामजद जमींदार |
104 |
| FIR में नामजद बिल्डर |
93 |
| गिरफ्तार डेवलपर्स |
1 व्यक्ति (18 मार्च 2026 को) |
| FIR दर्ज करने वाला थाना |
Sarkarwada पुलिस स्टेशन |