Maharashtra: नंदुरबार जिले के आदिवासी गांवों में पानी की भारी किल्लत के बाद अब प्रशासन ने टैंकर भेजना शुरू कर दिया है। The Indian Express की एक रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया, जिसमें बताया गया था कि दूर-दूर से पानी ढोने
Maharashtra: नंदुरबार जिले के आदिवासी गांवों में पानी की भारी किल्लत के बाद अब प्रशासन ने टैंकर भेजना शुरू कर दिया है। The Indian Express की एक रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया, जिसमें बताया गया था कि दूर-दूर से पानी ढोने के कारण आदिवासी महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। अब कई बस्तियों में टैंकर पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
टैंकर की सुविधा और प्रशासन की कार्रवाई
जिला कलेक्टर Mittali Sethi ने बताया कि Union Ministry of Jal Shakti और राज्य सरकार के बीच बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। नंदुरबार के खडकपानी गांव की वडवी पाडा जैसी बस्तियों में पिछले पांच दिनों से पानी के टैंकर पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने पहले ही 8 गांवों के लिए 4 टैंकर और 179 बोरवेल की योजना तैयार की थी ताकि पानी की कमी को दूर किया जा सके।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर असर और स्थायी समाधान
रिपोर्ट के मुताबिक, पानी के भारी बर्तनों को लंबी दूरी तक ले जाने की वजह से आदिवासी महिलाओं में यूटराइन प्रोलैप्स, गर्भपात और पुराने दर्द जैसी गंभीर बीमारियां देखी गईं। हालांकि अब टैंकर आ रहे हैं, लेकिन गांव के लोग अब भी एक स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। जिला प्रशासन अब राज्य सरकार को एक प्रेजेंटेशन भेजने की तैयारी में है ताकि जिले में लंबे समय के लिए पानी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पानी की कमी का मुख्य कारण
नंदुरबार में पानी की यह समस्या भीषण गर्मी और एल-निनो (El-Nino) प्रभाव की वजह से बढ़ी है। 5 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, केवल 15 दिनों के भीतर बांधों और सिंचाई प्रोजेक्ट्स में पानी का स्तर 5% गिर गया था। इसी वजह से मई 2026 में नंदुरबार शहर में भी हर दूसरे दिन पानी की सप्लाई का नियम लागू करना पड़ा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नंदुरबार में टैंकर भेजने का फैसला क्यों लिया गया?
The Indian Express की रिपोर्ट में सामने आया कि पानी ढोने के कारण आदिवासी महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो रही थीं, जिसके बाद जल शक्ति मंत्रालय और राज्य सरकार के हस्तक्षेप से टैंकर भेजे गए।
पानी की कमी के लिए कौन से कारण जिम्मेदार हैं?
भीषण गर्मी और एल-निनो प्रभाव के कारण बारिश कम हुई, जिससे 15 दिनों के भीतर बांधों का जलस्तर 5% तक गिर गया।