Delhi: नजफगढ़ के ऐतिहासिक दिल्ली गेट की हालत काफी खराब हो चुकी है, जिसे अब दिल्ली सरकार और MCD मिलकर संवारेंगे। इस गेट का मुगलकाल से गहरा नाता है और यहाँ आजादी की पहली लड़ाई से जुड़ी यादें बसी हैं। MCD ने इस धरोहर को बचा
Delhi: नजफगढ़ के ऐतिहासिक दिल्ली गेट की हालत काफी खराब हो चुकी है, जिसे अब दिल्ली सरकार और MCD मिलकर संवारेंगे। इस गेट का मुगलकाल से गहरा नाता है और यहाँ आजादी की पहली लड़ाई से जुड़ी यादें बसी हैं। MCD ने इस धरोहर को बचाने के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत को देख सकें।
नजफगढ़ दिल्ली गेट का क्या है इतिहास
यह गेट मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय के कमांडर-इन-चीफ मिर्जा नजफ खान ने करीब 1770 ईस्वी में बनवाया था। उस समय नजफगढ़ किले के चार मुख्य द्वार थे, जिनमें से अब सिर्फ यही एक गेट बचा है। इसे दिल्ली गेट इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह दिल्ली की दिशा में था। साल 1857 में इसी जगह पर ब्रिटिश सेना और भारतीय सिपाहियों के बीच एक बड़ी लड़ाई लड़ी गई थी।
जीर्णोद्धार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं
नजफगढ़ वार्ड के पार्षद अमित खरखारी ने गेट की गिरती हालत पर चिंता जताते हुए MCD को पत्र लिखा था। इसके बाद MCD की हेरिटेज सेल ने एक पुरातत्वविद् को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया है। अब जल्द ही एक कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा जो मरम्मत के काम और उसकी लागत का पूरा ब्यौरा तैयार करेगा।
कितना बजट और क्या है योजना
22 मार्च 2026 को नजफगढ़ वार्ड में 11.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत हुई थी। इस बजट में ऐतिहासिक दिल्ली गेट के पुनर्विकास का काम भी शामिल है। MCD की टीम अब इस संरचना को स्थिर करने और इसे पुराने स्वरूप में बहाल करने के लिए तकनीकी योजना बना रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नजफगढ़ दिल्ली गेट किसने और कब बनवाया था?
इसे मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय के कमांडर-इन-चीफ मिर्जा नजफ खान ने लगभग 1770 ईस्वी में बनवाया था।
इस गेट का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
यह नजफगढ़ किले के बचे हुए चार द्वारों में से एक है और यहाँ 1857 की आजादी की लड़ाई के दौरान एक निर्णायक युद्ध लड़ा गया था।