Maharashtra: पुलिस ने नवी मुंबई के नेरुल इलाके में एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इसमें तीन ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिन्हें कुछ समय पहले म्यांमार के खतरनाक स्कैम कैंप से बचाया गया था। ये लोग भ
Maharashtra: पुलिस ने नवी मुंबई के नेरुल इलाके में एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इसमें तीन ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिन्हें कुछ समय पहले म्यांमार के खतरनाक स्कैम कैंप से बचाया गया था। ये लोग भारत लौटकर फिर से वही धोखाधड़ी का खेल शुरू करने की फिराक में थे और एक नया कॉल सेंटर सेटअप कर रहे थे।
कौन हैं गिरफ्तार किए गए आरोपी और कैसे पकड़े गए
पिंपरी-चिंचवाड़ साइबर पुलिस ने मार्च 2026 में इन तीनों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए लोगों में नवी मुंबई के सुशील भगवान जुवतकर (42), पंजाब के जालंधर निवासी पंकज राज कपूर (38) और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग निवासी निश्चल टैंकबीर बरेयाली (27) शामिल हैं। ये तीनों म्यांमार के म्यावदी इलाके में स्थित कुख्यात KK Park स्कैम कंपाउंड में मिले थे, जहाँ इन्होंने साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग ली थी।
पुलिस को छापेमारी में क्या-क्या मिला
नेरुल स्थित इनके ठिकाने की तलाशी लेने पर पुलिस को बड़ी मात्रा में साइबर अपराध के उपकरण मिले। पुलिस ने मौके से कई बैंक पासबुक, चेक बुक, डेबिट कार्ड और करीब दो दर्जन ‘म्यूल अकाउंट्स’ से जुड़े सिम कार्ड जब्त किए। इसके अलावा पॉइंट-ऑफ-सेल मशीनें, मोबाइल फोन और कंपनी की मुहरें भी बरामद हुई हैं।
| बरामद सामान |
विवरण |
| बैंक अकाउंट |
करीब 24 म्यूल अकाउंट्स |
| केस लिंक |
देशभर के 120 साइबर फ्रॉड केस |
| लेन-देन राशि |
2 करोड़ से 18 करोड़ रुपये के बीच |
| अन्य उपकरण |
POS मशीन, सिम कार्ड, कंपनी सील |
क्या है इस पूरे मामले की असल कहानी
जांच में पता चला कि ये लोग अगस्त 2025 में बैंकॉक होकर म्यांमार गए थे। वहां उन्हें जबरन साइबर स्कैम चलाने के लिए मजबूर किया गया। बाद में अमेरिकी सेना और म्यांमार पुलिस के साझा ऑपरेशन से इन्हें बचाया गया था। भारत आने के बाद इन्होंने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक बिजनेसमैन और उसके परिवार से 2.1 करोड़ रुपये ठगे, जिसके बाद पुलिस ने इन्हें दबोचा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ये लोग किस तरह की धोखाधड़ी कर रहे थे?
ये आरोपी फर्जी शेयर ट्रेडिंग, टास्क स्कैम, रोमांस स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टमेंट के जरिए लोगों को ठग रहे थे।
म्यांमार के स्कैम कंपाउंड्स क्या होते हैं?
ये ऐसे केंद्र होते हैं जहाँ लोगों को धोखे से बुलाकर बंधक बनाया जाता है और उनसे जबरन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर फ्रॉड करवाया जाता है।