Bihar: Muzaffarpur के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से साल 2020 में गायब हुआ सुजीत दास आखिरकार 6 साल बाद मिल गया है. पुलिस ने सुजीत को पश्चिम बंगाल से सुरक्षित बरामद कर लिया है. मानसिक रूप से कमजोर सुजीत के गायब होने के बाद पु
Bihar: Muzaffarpur के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से साल 2020 में गायब हुआ सुजीत दास आखिरकार 6 साल बाद मिल गया है. पुलिस ने सुजीत को पश्चिम बंगाल से सुरक्षित बरामद कर लिया है. मानसिक रूप से कमजोर सुजीत के गायब होने के बाद पुलिस ने उस पर 3 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था. यह मामला इतना पेचीदा था कि इसकी जांच CID को भी सौंपी गई थी और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई थी.
कैसे गायब हुआ था सुजीत और पुलिस पर क्या था दबाव?
सुजीत दास मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और मुजफ्फरपुर के MIT कैंपस में अपने परिवार के साथ मजदूरी करता था. वह 15 नवंबर 2020 को अचानक काम के दौरान लापता हो गया था. उसकी मां सैफली दास ने ठेकेदार और उसके मुंशी पर अपहरण का शक जताते हुए केस दर्ज कराया था. पिछले कई सालों से सुजीत का कोई सुराग नहीं मिल रहा था, जिसके बाद SSP कान्तेश कुमार मिश्रा ने एक विशेष टीम बनाई थी. इस टीम ने वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल कर सुजीत को ढूंढ निकाला है.
मामले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| लापता होने की तारीख |
15 नवंबर 2020 |
| बरामदगी की तारीख |
7 अप्रैल 2026 |
| घोषित इनाम राशि |
3 लाख रुपये |
| मुख्य अधिकारी |
SSP कान्तेश कुमार मिश्रा, SDPO विनीता सिन्हा |
| बरामदगी का स्थान |
पश्चिम बंगाल |
क्या सुजीत को बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया था?
शुरुआती खबरों में सुजीत को पुणे में बंधुआ मजदूर बनाकर रखने की बात सामने आई थी, लेकिन आधिकारिक पुलिस जांच के बाद उसे पश्चिम बंगाल से बरामद किया गया है. पुलिस अब सुजीत का कोर्ट में बयान दर्ज करवा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इन 6 सालों में उसके साथ क्या हुआ. पुलिस उस गिरोह की भी तलाश कर रही है जो मजदूरों को बहला-फुसलाकर ले जाते हैं और उनसे जबरन काम करवाते हैं. सुजीत से पूछताछ के बाद इस पूरे मामले में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है.