Muzaffarnagar में पेपर प्लेट फैक्ट्री में बंधुआ मजदूरी का खुलासा, NHRC ने लिया संज्ञान, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मंडी गांव में एक पेपर प्लेट बनाने वाली फैक्ट्री में बंधुआ मजदूरी और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। यहां करीब 12 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था और उनसे आधी रात त

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मंडी गांव में एक पेपर प्लेट बनाने वाली फैक्ट्री में बंधुआ मजदूरी और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। यहां करीब 12 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था और उनसे आधी रात तक काम कराया जाता था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने खुद संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

खबर के मुताबिक, इन मजदूरों को नौकरी और अच्छे वेतन का लालच देकर लाया गया था, लेकिन करीब डेढ़ साल तक उन्हें बिना पर्याप्त खाने और पैसों के कैद में रखा गया। मजदूरों के साथ मारपीट की जाती थी। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नवंबर 2025 में अर्जुन टोपी नाम के एक मजदूर की प्रताड़ना की वजह से मौत हो गई थी। SSP संजय कुमार ने बताया कि अर्जुन की मौत के बाद उसके शव को बैग में भरकर फेंक दिया गया था।

NHRC ने इस घटना को मानवाधिकारों का बड़ा उल्लंघन माना है। आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस भेजकर दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही मुजफ्फरनगर के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया गया है कि वे बंधुआ मजदूरी अधिनियम 1976 के तहत इसकी जांच करें और सभी बचाए गए मजदूरों का रजिस्ट्रेशन e-Shram पोर्टल पर तुरंत करवाएं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई में फैक्ट्री मालिक और मुख्य आरोपी अंकित बालयन को हरियाणा के पलवल जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। अंकित के पास से एक अवैध हथियार भी मिला है। उसके पिता प्रदीप बालयन और फैक्ट्री सुपरवाइजर शिवा त्यागी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने साफ कहा है कि बंधुआ मजदूरी गुलामी के समान है और हिंसा व शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

बचाए गए मजदूरों का मेडिकल टेस्ट कराया गया, जिसमें उनके शरीर पर चोट के निशान, फ्रैक्चर और लंबे समय तक शारीरिक शोषण के सबूत मिले हैं। पीड़ित मजदूर यूपी, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड और नेपाल जैसे राज्यों से आए थे। फिलहाल एक SIT का गठन किया गया है जो इस बात की जांच कर रही है कि क्या फैक्ट्री में अन्य मौतें भी हुई हैं।