Bihar के मुंगेर सदर अस्पताल में 45 मिनट तक अंधेरे में तड़पे मरीज, मोबाइल की टॉर्च से डॉक्टरों ने किया इलाज

Bihar/Munger: मुंगेर के मॉडल सदर अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ गुरुवार रात करीब 10:30 बजे से 11:00 बजे के बीच बिजली गुल हो गई, जिससे पूरा आपातकालीन वार्ड अंधेरे में डूब गया। करीब 45 मिनट तक मरीजो

Bihar/Munger: मुंगेर के मॉडल सदर अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ गुरुवार रात करीब 10:30 बजे से 11:00 बजे के बीच बिजली गुल हो गई, जिससे पूरा आपातकालीन वार्ड अंधेरे में डूब गया। करीब 45 मिनट तक मरीजों का इलाज मोबाइल की फ्लैशलाइट की मदद से करना पड़ा, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस घटना के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच काफी अफरा-तफरी मची रही। परिजनों का आरोप है कि बिजली जाने की वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई भी प्रभावित हुई। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद एक डॉक्टर ने माना कि बिजली कटौती से ऑक्सीजन सेवाओं पर असर पड़ा और इलाज करने में काफी दिक्कत आई।

हैरानी की बात यह है कि बिहार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMCIL) ने करीब दो साल पहले अस्पताल के नए भवन के लिए एक इन्वर्टर उपलब्ध कराया था, लेकिन उसे अब तक सिस्टम से जोड़ा नहीं गया। इसी लापरवाही की वजह से बिजली कटते ही अस्पताल में अंधेरा छा गया। एक मरीज के परिजन राघव कुमार ने बताया कि उन्होंने इस दौरान अस्पताल अधीक्षक को कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

सदर अस्पताल में बिजली और जनरेटर को लेकर यह पहली बार नहीं है। नवंबर 2022 में भी जनरेटर चलाने और डीजल के खर्च में अनियमितता के आरोप लगे थे। फिलहाल इस ताजा घटना के बाद अस्पताल के मैनेजमेंट और आपातकालीन तैयारियों की पोल खुल गई है।