Bihar: मुंगेर जिले के जमालपुर में पीने के पानी की किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. जमालपुर के 5 वार्डों के करीब 30 हजार लोग नल-जल योजना का लाभ न मिलने से काफी परेशान हैं. बुधवार को बड़ी संख्या
Bihar: मुंगेर जिले के जमालपुर में पीने के पानी की किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. जमालपुर के 5 वार्डों के करीब 30 हजार लोग नल-जल योजना का लाभ न मिलने से काफी परेशान हैं. बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया. लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले पाइपलाइन बिछाने का वादा किया गया था, लेकिन उसे अब तक पूरा नहीं किया गया है.
जमालपुर में पानी की समस्या के मुख्य कारण क्या हैं?
स्थानीय लोगों और वार्ड पार्षद के अनुसार, 150 करोड़ रुपये की लागत वाला वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट अपनी समय सीमा काफी पहले पार कर चुका है. इस योजना को सितंबर 2022 तक पूरा हो जाना था, लेकिन देरी की वजह से शहर के कई वार्ड आज भी प्यासे हैं. वार्ड पार्षद साई शंकर ने बताया कि शहर के 33 वार्डों में से 11 वार्ड ऐसे हैं जहां पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच रही है. बाकी के 22 वार्डों में भी पाइपलाइन के रखरखाव के अभाव में पानी की सप्लाई ठीक से नहीं हो पा रही है.
प्रशासन और सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
पानी की इस समस्या को लेकर स्थानीय लोग पहले भी ज्ञापन सौंप चुके हैं. जिलाधिकारी निखिल धनराज ने 30 मार्च को अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे नल-जल योजना से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें. इसके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी 3 अप्रैल को मुंगेर में जनता की समस्याएं सुनी थीं और उचित समाधान का भरोसा दिया था. फिलहाल जमालपुर नगर परिषद और PHED विभाग पर इस काम को जल्द पूरा करने की जिम्मेदारी है.
| योजना का विवरण |
महत्वपूर्ण आंकड़े |
| प्रभावित आबादी |
लगभग 30,000 लोग |
| प्रोजेक्ट की लागत |
150 करोड़ रुपये |
| योजना की डेडलाइन |
सितंबर 2022 (बीत चुकी है) |
| पूरी तरह वंचित वार्ड |
11 वार्ड |
| प्रदर्शन की तारीख |
8 अप्रैल 2026 |