Bihar : मुंगेर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी की भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 4 फर्जी परीक्षार्थियों यानी ‘मुन्ना भाई’ को गिरफ्तार किया है, जबकि 18 अन्य संद
Bihar : मुंगेर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी की भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 4 फर्जी परीक्षार्थियों यानी ‘मुन्ना भाई’ को गिरफ्तार किया है, जबकि 18 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह परीक्षा 14 अप्रैल 2026 को BPSC द्वारा जिले के 20 केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
कौन हुए गिरफ्तार और कौन है मास्टरमाइंड
पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में सुजल कुमार, समीर कुमार, प्रशांत कुमार और प्रियांशु कुमार को गिरफ्तार किया है। जांच में सुजल कुमार को इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि अंबे चौक के एक कोचिंग संचालक A.K. Rathore ने इस नेटवर्क को चलाया था, जो फिलहाल फरार है। इस गिरोह ने स्थानीय युवकों को किराए पर लेकर परीक्षा में बैठाने की साजिश रची थी।
लापरवाही पर केंद्राधीक्षक सस्पेंड, क्या थे नियम
जिलाधिकारी निखिल धनराज और एसपी सैयद इमरान मसूद ने जब निरीक्षण किया, तो उन्हें भारी लापरवाही मिली। इसके बाद उपेंद्र ट्रेनिंग एकेडमी की केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को तुरंत निलंबित कर दिया गया। परीक्षा के दौरान मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच और व्हाइटनर जैसी चीजें ले जाना मना था। नियम के मुताबिक, कदाचार करने वालों को अगले 5 साल तक आयोग की परीक्षाओं से दूर रखा जा सकता है।
फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क और ट्रेनिंग
| विवरण |
जानकारी |
| कुल गिरफ्तार/हिरासत |
4 गिरफ्तार, 18 हिरासत में |
| परीक्षा तिथि |
14 अप्रैल 2026 |
| निलंबित अधिकारी |
अर्चना कुमारी (केंद्राधीक्षक) |
| मुख्य आरोपी |
A.K. Rathore (कोचिंग संचालक) |
| बाहरी कनेक्शन |
राजस्थान की नोडल एजेंसी ने 128 छात्रों को ट्रेनिंग दी |
| जांच अधिकारी |
एसपी सैयद इमरान मसूद और DEO कुणाल गौरव |