Maharashtra: मुंबई के एक परिवार में तरबूज खाने के बाद चार लोगों की मौत का मामला सामने आया है। 26 अप्रैल 2026 को अब्दुल्ला डोकडिया, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों आयशा और जैनब की मौत हो गई थी। अब कलिना स्थित Forensic Scie
Maharashtra: मुंबई के एक परिवार में तरबूज खाने के बाद चार लोगों की मौत का मामला सामने आया है। 26 अप्रैल 2026 को अब्दुल्ला डोकडिया, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों आयशा और जैनब की मौत हो गई थी। अब कलिना स्थित Forensic Science Laboratory (FSL) की रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि तरबूज में Zinc Phosphide नाम का जहरीला पदार्थ था, जो चूहों को मारने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
Zinc Phosphide शरीर पर कैसे असर करता है
डॉक्टरों के मुताबिक जब यह जहर शरीर के अंदर जाता है, तो पेट के एसिड के साथ मिलकर Phosphine गैस बनाता है। यह गैस बहुत खतरनाक होती है और सीधे दिल और सांस लेने की प्रणाली पर हमला करती है। इससे शरीर की कोशिकाएं तेजी से मरने लगती हैं और अंग काम करना बंद कर देते हैं। बच्चों पर इसका असर और भी ज्यादा घातक होता है क्योंकि कम मात्रा भी जानलेवा हो सकती है।
जहर के शुरुआती लक्षण और खतरे क्या हैं
इस जहर के लक्षण खाने के 30 मिनट से एक घंटे के भीतर दिखने लगते हैं। इसमें उल्टी होना, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ और दौरे पड़ना शामिल है। गंभीर स्थिति में लिवर और किडनी फेल हो सकते हैं, इंसान कोमा में जा सकता है या अंदरूनी ब्लीडिंग की वजह से ब्लड प्रेशर अचानक गिर सकता है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और इलाज में देरी जानलेवा होती है।
पुलिस जांच और जहर फैलने की वजह
JJ Marg पुलिस स्टेशन और DCP Pravin Mumde इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। FSL रिपोर्ट में परिवार द्वारा खाए गए तरबूज में जहर मिला है, जबकि अन्य खाद्य पदार्थों में ऐसा कुछ नहीं था। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जहर जानबूझकर तरबूज में डाला गया या फिर फल विक्रेताओं ने चूहों को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया जिससे गलती से यह लोगों तक पहुंच गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में परिवार की मौत का असली कारण क्या निकला?
FSL की टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने जिस तरबूज को खाया था उसमें Zinc Phosphide मिला था। यह एक बेहद जहरीला चूहे मारने वाला पदार्थ है जिसने परिवार के चारों सदस्यों की जान ले ली।
Zinc Phosphide जहर के मुख्य लक्षण क्या होते हैं?
इसके शुरुआती लक्षणों में उल्टी, चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत और दौरे पड़ना शामिल है। गंभीर मामलों में यह लिवर-किडनी फेलियर और कोमा का कारण बन सकता है।