Maharashtra: दक्षिण मुंबई के भेंडी बाजार इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था क्योंकि पर
Maharashtra: दक्षिण मुंबई के भेंडी बाजार इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था क्योंकि परिवार ने मौत से पहले तरबूज खाया था, लेकिन डॉक्टर अब इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग नहीं मान रहे हैं।
क्या हुआ था उस रात और कैसे हुई मौतें?
घटना 25 अप्रैल 2026 की रात से शुरू हुई। अब्दुल्ला डोकड़िया के परिवार ने पहले पांच रिश्तेदारों के साथ बिरयानी खाई। मेहमानों के जाने के बाद, रात करीब 1 बजे परिवार के चार सदस्यों- अब्दुल्ला, नसरीन, आयशा और जैनब ने तरबूज खाया। अगले दिन सुबह 5 से 6 बजे के बीच सभी को उल्टी और दस्त जैसी तकलीफ शुरू हुई। सुबह 10:15 बजे सबसे पहले 12-13 साल की जैनब की मौत हुई और रात 10:30 बजे तक परिवार के बाकी तीन सदस्यों की भी जान चली गई।
डॉक्टर और पुलिस इस मामले में क्या कह रहे हैं?
JJ Hospital के डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ खराब तरबूज से इतनी जल्दी चार लोगों की मौत होना बहुत मुश्किल है। अब जांच इस बात पर टिकी है कि क्या फल में कोई जहरीला पदार्थ या मिलावट थी। JJ मार्ग पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने बिरयानी और तरबूज के सैंपल के साथ-साथ शवों के विसरा को जांच के लिए कलीना लैब भेजा है। DCP प्रवीण मुंडे ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने में करीब 15 दिन लगेंगे।
क्या यह आम फूड पॉइजनिंग का मामला है?
KEM Hospital के विशेषज्ञों और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. आकाश शुक्ला के मुताबिक, तरबूज आमतौर पर सुरक्षित होता है और इसके जहरीले होने के प्रमाण बहुत कम मिलते हैं। प्रशासन अब इस मामले को केवल खराब खाने से जोड़कर नहीं देख रहा है, बल्कि किसी बाहरी टॉक्सिन या जहर की संभावना पर भी गौर कर रहा है। AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने इस पूरे मामले की सरकारी जांच की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
परिवार के किन सदस्यों की मौत हुई है?
इस हादसे में अब्दुल्ला डोकड़िया, उनकी पत्नी नसरीन, और उनकी दो बेटियां आयशा और जैनब की मौत हुई है।
जांच रिपोर्ट आने में कितना समय लगेगा?
पुलिस और डॉक्टरों ने बताया है कि हिस्टोपैथोलॉजी और फोरेंसिक रिपोर्ट आने में लगभग 15 दिन का समय लग सकता है।