Maharashtra: मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। Mumbai Water Tanker Association (MWTA) ने रविवार आधी रात से अपनी सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी हैं। शहर में पहले से ही 10% पानी
Maharashtra: मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। Mumbai Water Tanker Association (MWTA) ने रविवार आधी रात से अपनी सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी हैं। शहर में पहले से ही 10% पानी की कटौती चल रही है और जलाशयों में पानी का स्तर काफी कम है, जिससे लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
टैंकर एसोसिएशन ने हड़ताल क्यों की?
MWTA का कहना है कि Central Ground Water Authority (CGWA) के नियमों को मुंबई में बहुत सख्ती और चुनिंदा तरीके से लागू किया जा रहा है। नियमों के मुताबिक, जमीन से पानी निकालने के लिए NOC लेना जरूरी है और कुएं के लिए कम से कम 200 वर्ग मीटर जमीन का सबूत देना होता है। एसोसिएशन के प्रवक्ता Ankur Sharma का कहना है कि मुंबई जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में इतनी जमीन होना मुमकिन नहीं है और ये नियम अव्यावहारिक हैं।
आम जनता और सोसायटियों पर क्या असर पड़ा?
टैंकर सेवा बंद होने से Cuffe Parade की Jolly Makers जैसी कई हाउसिंग सोसायटियों में पानी की भारी कमी हो गई है। लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कत आ रही है। सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि Garware Club House जैसे संस्थानों ने भी अपने स्पा और स्विमिंग पूल बंद कर दिए हैं। इस हड़ताल से अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट और निर्माण स्थलों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
सरकार और BMC का क्या कहना है?
महाराष्ट्र सरकार और BMC इस विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। MWTA ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde व Sunetra Ajit Pawar से आपातकालीन बैठक की मांग की है ताकि नियमों में ढील दी जा सके। BMC ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर और किफायत से करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में पानी की कमी का मुख्य कारण क्या है?
मुंबई में वर्तमान में 10% पानी की कटौती चल रही है और जलाशयों में केवल 40-45 दिनों का स्टॉक बचा है। साथ ही, टैंकर एसोसिएशन की हड़ताल ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
टैंकर एसोसिएशन की मुख्य मांग क्या है?
एसोसिएशन चाहता है कि CGWA के सख्त नियमों, जैसे कि 200 वर्ग मीटर जमीन की अनिवार्यता और NOC की शर्तों में ढील दी जाए, क्योंकि ये मुंबई के शहरी माहौल में संभव नहीं हैं।