Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शहर में पानी के टैंकरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस मामले में दखल दिया, जिसके बाद मंगलवार शाम 7:30 बजे तक टैंकर दोबार
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शहर में पानी के टैंकरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस मामले में दखल दिया, जिसके बाद मंगलवार शाम 7:30 बजे तक टैंकर दोबारा सड़कों पर चलने लगे। इस हड़ताल की वजह से हाउसिंग सोसायटियों में पानी की भारी किल्लत हो गई थी, जिससे बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
हड़ताल क्यों शुरू हुई थी और क्या था विवाद
मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन (MWTA) ने जिला तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के विरोध में यह हड़ताल की थी। सरकार ने कुओं और बोरवेल मालिकों को निर्देश दिया था कि वे CGWA के कड़े नियमों के तहत नए लाइसेंस लें, वरना पानी की सप्लाई बंद कर दें। इन नियमों में 200 वर्ग मीटर जमीन और महंगे डिजिटल फ्लो मीटर जैसी शर्तें थीं, जिन्हें टैंकर ऑपरेटर मुंबई की भौगोलिक स्थिति में नामुमकिन बता रहे थे।
CM Fadnavis ने क्या आश्वासन दिया
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने मुंबई के सिटी और सबअर्बन जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि टैंकर ऑपरेटरों को दिए गए नोटिस वापस लिए जाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी ऑपरेटर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही, राज्य सरकार ने वादा किया है कि वह CGWA और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से बात करके इन नियमों में ढील दिलाने की कोशिश करेगी। नोटिस वापस लेने का लिखित आदेश चार दिनों के भीतर मिलने की उम्मीद है।
आम जनता पर क्या पड़ा असर
मुंबई में पहले से ही 10% पानी की कटौती चल रही थी, ऐसे में टैंकरों की हड़ताल ने संकट और बढ़ा दिया। कांदिवली और मरोल जैसे इलाकों की सोसायटियों में पानी की भारी कमी देखी गई। दक्षिण मुंबई के क्लबों और कमर्शियल ऑफिसों में भी कामकाज प्रभावित हुआ और कई जगह आधे दिन की छुट्टी करनी पड़ी। MWTA के पास 2,000 से ज्यादा टैंकर हैं जो रोजाना करीब 2,000 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में पानी के टैंकरों की हड़ताल कब खत्म हुई?
यह हड़ताल मंगलवार, 9 जून 2026 की शाम को खत्म हुई और रात 7:30 बजे तक टैंकरों ने अपनी सेवाएं दोबारा शुरू कर दीं।
टैंकर ऑपरेटरों की मुख्य मांग क्या थी?
ऑपरेटर चाहते थे कि CGWA के कठिन नियमों को बदला जाए और जिला तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी किए गए नोटिस वापस लिए जाएं।