Maharashtra: मुंबई के लोगों को पानी की किल्लत से बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद Mumbai Water Tanker Association (MWTA) ने अपनी दो दिनों की हड़ताल वापस ले ली है। मंगलवार शाम 7:30 बजे तक
Maharashtra: मुंबई के लोगों को पानी की किल्लत से बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद Mumbai Water Tanker Association (MWTA) ने अपनी दो दिनों की हड़ताल वापस ले ली है। मंगलवार शाम 7:30 बजे तक टैंकरों ने फिर से काम शुरू कर दिया, जिससे हजारों घरों और दुकानों में पानी की सप्लाई सामान्य हो गई है।
हड़ताल क्यों हुई थी और क्या था विवाद
यह विरोध प्रदर्शन सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (CGWA) के 2020 के नियमों को लेकर था। नियमों के मुताबिक, कुएं के मालिक को लाइसेंस तभी मिलता है जब जमीन कम से कम 200 वर्ग मीटर हो और वहां डिजिटल वॉटर फ्लो मीटर लगा हो। MWTA का कहना था कि मुंबई जैसे शहर में इन नियमों का पालन करना बहुत मुश्किल है, क्योंकि ये टैंकर पीने का पानी सप्लाई नहीं करते हैं। इसी वजह से कई कुआं मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसका टैंकर संचालकों ने विरोध किया।
CM ने क्या भरोसा दिया और अब क्या होगा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया कि CGWA की NOC न होने की वजह से कुआं मालिकों और टैंकर संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने मुंबई के सिटी और सबअर्बन जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि हाल ही में जारी किए गए सभी नोटिस वापस लिए जाएं। MWTA के महासचिव अमोल मंडहारे ने बताया कि कलेक्टर ऑफिस और BMC से अगले चार दिनों में इस संबंध में लिखित पुष्टि मिलने की उम्मीद है।
आम जनता पर क्या पड़ा असर
इस हड़ताल की वजह से मुंबई के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में पहले से ही BMC द्वारा 10% पानी की कटौती की गई थी, ऊपर से टैंकर बंद होने से लोगों को पानी के लिए राशनिंग करनी पड़ी। कई इलाकों से शिकायतें आईं कि हड़ताल के दौरान कुछ टैंकर संचालकों ने पानी के दाम बढ़ा दिए थे। अब सप्लाई शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वाटर टैंकर हड़ताल कब खत्म हुई और सप्लाई कब शुरू हुई
यह हड़ताल मंगलवार, 9 जून 2026 की शाम को खत्म हुई। शाम 7:30 बजे तक टैंकरों ने फिर से काम शुरू कर दिया था।
टैंकर संचालकों की मुख्य मांग क्या थी
उनकी मांग थी कि CGWA के 2020 के सख्त नियमों में बदलाव किया जाए और बिना NOC के कुआं मालिकों को दिए गए नोटिस वापस लिए जाएं।