Maharashtra: मुंबई के लोगों को आने वाले दिनों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। शहर को पानी देने वाली सात झीलों का जलस्तर गिरकर करीब 33.60% रह गया है। तापमान बढ़ने से पानी तेजी से सूख रहा है और मानसून भी कमजो
Maharashtra: मुंबई के लोगों को आने वाले दिनों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। शहर को पानी देने वाली सात झीलों का जलस्तर गिरकर करीब 33.60% रह गया है। तापमान बढ़ने से पानी तेजी से सूख रहा है और मानसून भी कमजोर रहने का अनुमान है, जिसकी वजह से BMC अब पानी बचाने की तैयारी कर रही है।
पानी की कटौती और BMC की योजना क्या है?
BMC ने एहतियात के तौर पर 1 मई 2026 से शहर में 10% पानी की कटौती का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए म्युनिसिपल कमिश्नर के पास भेजा गया है। हालांकि, BMC ने राज्य सरकार से अतिरिक्त पानी की मांग भी की है। उन्होंने Bhatsa Lake से 1.47 लाख ML और Upper Vaitarna Lake से 90,000 ML पानी मांगा है ताकि कटौती से बचा जा सके।
किन इलाकों में और कब रहेगा पानी का संकट?
रखरखाव और मरम्मत के काम की वजह से कुछ इलाकों में पहले से ही पानी कम आएगा। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| तारीख |
कटौती/असर |
प्रभावित इलाके |
कारण |
| 20 से 27 अप्रैल |
5% कटौती |
Kurla East, M East, M West, N, S, T वार्ड और दक्षिण व मध्य मुंबई के A, B, C, E, F North, F South वार्ड |
वॉटर टनल नंबर 1 और 2 का मेंटेनेंस |
| 22 से 23 अप्रैल |
18 घंटे की कटौती |
दक्षिण मुंबई के कई हिस्से (22 अप्रैल सुबह 10 बजे से 23 अप्रैल सुबह 4 बजे तक) |
Bhandarwada Hill Reservoir टनल में वाल्व लगाना |
| 19 अप्रैल |
लोकल सप्लाई प्रभावित |
Prabhadevi इलाका |
पाइपलाइन लीकेज |
झीलों की मौजूदा स्थिति क्या है?
15 अप्रैल 2026 तक शहर की सात झीलों (Upper Vaitarna, Modak Sagar, Tansa, Middle Vaitarna, Bhatsa, Vihar और Tulsi) में कुल क्षमता का 33.60% पानी बचा है। यह लगभग 4.86 लाख मिलियन लीटर है। हालांकि यह पिछले दो सालों के मुकाबले बेहतर है, लेकिन बढ़ती गर्मी और कम बारिश की चेतावनी ने BMC की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल शहर को रोज 4,000 से 4,100 मिलियन लीटर पानी की जरूरत पड़ती है।