Mumbai में गहराया जल संकट, झीलों में बचा सिर्फ 9% पानी; BMC ने लागू किया वाटर कट
Maharashtra: मुंबई के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं क्योंकि शहर को पानी देने वाली सात झीलों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक गिर गया है। 1.2 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले इस शहर के जलाशयों में अब कुल क्षमता का केवल 8.68%
Maharashtra: मुंबई के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं क्योंकि शहर को पानी देने वाली सात झीलों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक गिर गया है। 1.2 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले इस शहर के जलाशयों में अब कुल क्षमता का केवल 8.68% पानी ही बचा है। अगर जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई, तो मौजूदा स्टॉक सिर्फ 35 से 40 दिनों तक ही चल पाएगा।
मानसून की देरी और कैचमेंट एरिया में कम बारिश की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। Upper Vaitarna जैसी मुख्य झील अब ‘डेड स्टॉक’ लेवल पर पहुंच गई है, यानी वहां उपयोगी पानी खत्म हो चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए BMC और महाराष्ट्र सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने आदेश दिया है कि 31 अगस्त तक पीने के पानी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए।
आम जनता और उद्योगों पर इसका असर पड़ने लगा है। BMC ने 15 मई से ही घरों के लिए 10% पानी की कटौती शुरू कर दी थी, जिससे डेली सप्लाई 4,100 MLD से घटकर 3,650 MLD रह गई है। इसके अलावा, कमर्शियल यूनिट्स, स्पोर्ट्स क्लब और फैक्ट्रियों के लिए 20% पानी की कटौती लागू की गई है। कंस्ट्रक्शन साइटों पर पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है और बिल्डरों को अब बोरवेल या रिसाइकिल पानी का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिडे ने बताया कि पीने के पानी की सप्लाई 17 अगस्त तक पर्याप्त रहेगी। वहीं, IMD ने मुंबई के लिए 24 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है और रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, एल नीनो के प्रभाव के कारण इस साल मानसून सामान्य से 10% कम रहने का अनुमान है। पानी की कमी का असर पर्यटन पर भी दिखा है, जहां नियमों के कारण Imagicaa वॉटर पार्क को 19 जून से अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।