Mumbai में गहराया जल संकट, reservoirs में पानी खत्म होने की कगार पर, लागू हुए कड़े नियम
Maharashtra: मुंबई इस समय पानी की भारी किल्लत से जूझ रही है। जून 2026 में मानसून की देरी और कम बारिश की वजह से शहर के जलाशयों का स्तर बहुत नीचे गिर गया है। हालत यह है कि शहर के पास अब सिर्फ करीब 40 दिनों का पानी बचा है,
Maharashtra: मुंबई इस समय पानी की भारी किल्लत से जूझ रही है। जून 2026 में मानसून की देरी और कम बारिश की वजह से शहर के जलाशयों का स्तर बहुत नीचे गिर गया है। हालत यह है कि शहर के पास अब सिर्फ करीब 40 दिनों का पानी बचा है, जिससे आम लोगों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
BMC के मुताबिक, मुंबई की सात झीलों में पानी का स्टॉक कुल क्षमता का केवल 10.35% रह गया है, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह आंकड़ा 9.67% तक बताया गया है। 15 मई 2026 से ही घरों में 10% पानी की कटौती शुरू की जा चुकी थी। अगर जुलाई के पहले हफ्ते तक बारिश नहीं हुई, तो प्रशासन 10% की और कटौती कर सकता है। वर्तमान स्टॉक के हिसाब से पानी 20 अगस्त 2026 तक ही चल पाएगा।
पानी बचाने के लिए सरकार और BMC ने कई सख्त नियम लागू किए हैं, जिनका पालन करना सभी के लिए जरूरी है। नियमों की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| क्षेत्र/सुविधा | नियम और पाबंदी |
|---|---|
| कंस्ट्रक्शन साइट्स | पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है, नए कनेक्शन नहीं मिलेंगे |
| कमर्शियल और स्पोर्ट्स सेंटर | 10% रेजिडेंशियल कटौती के अलावा 20% अतिरिक्त कटौती |
| पीने का पानी | गाड़ी धोने, गार्डनिंग और सड़क सफाई के लिए इस्तेमाल मना है |
| स्विमिंग पूल | पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है |
| बॉटलिंग प्लांट्स | केवल कर्मचारियों के पीने के लिए सीमित पानी मिलेगा |
| रेलवे और पोर्ट अथॉरिटी | पीने के पानी की जगह ट्रीटेड सीवेज वाटर का इस्तेमाल करना होगा |
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरे राज्य में अगस्त 2027 तक पानी के इस्तेमाल की योजना सावधानी से बनाई जाए क्योंकि बारिश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। राज्य सरकार ने 31 अगस्त 2026 तक पीने के पानी की सप्लाई को प्राथमिकता देने को कहा है।
इस संकट पर विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। हिरनंदानी ग्रुप के डॉ. निरंजन हिरनंदानी ने कहा कि मुंबई में हर साल यह समस्या आती है क्योंकि हम पानी को रीसायकल और दोबारा इस्तेमाल करने पर ध्यान नहीं देते। वहीं, ANAROCK ग्रुप के डॉ. प्रशांत ठाकुर ने चेतावनी दी है कि पानी की पाबंदियों से बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स और उनके समय पर पूरा होने में देरी हो सकती है। रustomjee ग्रुप के बोमन ईरानी का मानना है कि बेहतर प्लानिंग और रीसायकल पानी के इस्तेमाल से कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री इस संकट को संभाल सकती है।
प्रशासन ने साफ किया है कि जो कोई भी पीने के पानी की बर्बादी या गलत इस्तेमाल करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।