Mumbai में गहराया पानी का संकट, Gargai Dam और Manori प्रोजेक्ट में देरी से शहर को नहीं मिला 640 MLD पानी
Maharashtra: मुंबई के लोग इन दिनों पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। शहर की पानी की सुरक्षा के लिए बनाए गए Gargai Dam और Manori desalination प्रोजेक्ट्स में हुई देरी की वजह से मुंबई को मिलने वाले 640 MLD अतिरिक्त पानी
Maharashtra: मुंबई के लोग इन दिनों पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। शहर की पानी की सुरक्षा के लिए बनाए गए Gargai Dam और Manori desalination प्रोजेक्ट्स में हुई देरी की वजह से मुंबई को मिलने वाले 640 MLD अतिरिक्त पानी की सप्लाई रुक गई है। मानसून की देरी ने इस संकट को और ज्यादा बढ़ा दिया है, जिससे आम जनता के लिए पानी की किल्लत और बढ़ गई है।
शहर में पानी की स्थिति काफी चिंताजनक है। 17 जून 2026 तक मुंबई के सात मुख्य जलाशयों में पानी का स्तर घटकर केवल 9.33% से 10.01% रह गया है, जो पिछले साल इसी समय 12.27% था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के पास अब केवल करीब 40 दिनों के पीने के पानी का स्टॉक बचा है। मुंबई की वर्तमान पानी की मांग 4,665 MLD है, जबकि सप्लाई केवल 4,100 MLD हो पा रही है, जिससे हर दिन 565 MLD की कमी पड़ रही है।
Gargai Dam प्रोजेक्ट को 440 MLD पानी देने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसकी शुरुआत 1994 में हुई थी। BMC की स्टैंडिंग कमेटी ने 2 अप्रैल 2026 को इसे 5,051 करोड़ रुपये की कुल लागत से मंजूरी दी। इस प्रोजेक्ट का काम अक्टूबर 2026 में शुरू होगा और मई 2029 तक जलाशय भरने की उम्मीद है। हालांकि, यह डैम Tansa Wildlife Sanctuary के इलाके में आता है, जिसके लिए केंद्र सरकार और नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ से मंजूरी का इंतजार है। इस प्रोजेक्ट से करीब 3.10 लाख पेड़ कटेंगे और कई गांवों को वहां से हटाना होगा।
दूसरी तरफ, Manori desalination प्लांट से 200 MLD पानी मिलने की उम्मीद थी, जिसे आगे बढ़ाकर 400 MLD किया जा सकता है। इसका EPC कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2025 में IDE Technologies को दिया गया था और इसका कार्यान्वयन 2025 से 2029 के बीच होना है।
पानी की कमी को देखते हुए BMC ने 17 जून 2026 से कड़े कदम उठाए हैं। अब सभी कंस्ट्रक्शन साइट्स के पानी के कनेक्शन काट दिए गए हैं और स्विमिंग पूल में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इंडस्ट्रियल यूनिट्स, कमर्शियल दुकानों और स्पोर्ट्स क्लबों की पानी की सप्लाई में 20% की कटौती की गई है। इसके अलावा, भारी उद्योगों के लिए रिसाइकिल पानी का इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया गया है। BMC अब पानी के टैंकरों के लिए OTP-आधारित बुकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम भी ला रहा है ताकि पानी की चोरी रोकी जा सके।