Maharashtra: मुंबई के वर्सोवा बीच पर 12 अप्रैल 2026 को करीब 300 लोग इकट्ठा हुए। इन लोगों ने ‘Green Mumbai Sunday’ नाम के एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए शहर के मैंग्रोव, जंगलों और खुले मैदानों को बचाने की मांग
Maharashtra: मुंबई के वर्सोवा बीच पर 12 अप्रैल 2026 को करीब 300 लोग इकट्ठा हुए। इन लोगों ने ‘Green Mumbai Sunday’ नाम के एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए शहर के मैंग्रोव, जंगलों और खुले मैदानों को बचाने की मांग की। इस कार्यक्रम को ‘Save Mumbai Mangroves’ ग्रुप ने आयोजित किया था, जिसमें ‘Save Aarey’ और ‘Save SGNP’ जैसे अभियानों के लोग भी शामिल हुए।
विरोध की मुख्य वजह क्या है?
प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध Versova-Bhayandar Coastal Road प्रोजेक्ट को लेकर है। इस प्रोजेक्ट से करीब 46,000 मैंग्रोव पेड़ों के कटने का खतरा है। हालांकि, दिसंबर 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट और मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, लेकिन पर्यावरण प्रेमी इसे मुंबई की सुरक्षा के लिए खतरा मान रहे हैं।
आम लोगों और एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
- कोली समुदाय: मोहित नाम के एक मछुआरे ने बताया कि यहाँ मैंग्रोव की 8-10 प्रजातियां हैं जिनमें औषधीय गुण हैं, इनका जाना मछुआरों के लिए बड़ा नुकसान होगा।
- स्थानीय निवासी: चारकोप की मिली शेट्टी ने कहा कि वह अपने इलाके में रोज मैंग्रोव कटते देख रही हैं।
- Vanashakti NGO: डायरेक्टर स्टालिन दयानंद का कहना है कि नए पेड़ लगाने का काम पहले होना चाहिए, बाद में नहीं।
- सेलेब्रिटीज: दिया मिर्जा और रिचा चड्ढा ने भी पहले इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए कहा कि मैंग्रोव मुंबई को बाढ़ से बचाने वाली प्राकृतिक दीवार हैं।
प्रोजेक्ट और कानूनी स्थिति क्या है?
| तारीख/इवेंट |
विवरण |
| दिसंबर 2025 |
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कोस्टल रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। |
| फरवरी 2026 |
Vanashakti ने BMC और फॉरेस्ट विभाग को कानूनी नोटिस भेजा। |
| मार्च 2026 |
सुप्रीम कोर्ट ने प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी और BMC को सालाना ऑडिट रिपोर्ट देने को कहा। |
| मार्च 2026 |
कांदिवली में मैंग्रोव कटाई के खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। |