Maharashtra: मुंबई में अब नौकरीपेशा लोगों के लिए अपना पहला घर खरीदने का सपना टूटता दिख रहा है। शहर में छोटे 1BHK फ्लैट्स की संख्या तेजी से कम हो रही है और उनकी जगह लग्जरी घरों ने ले ली है। बिल्डर्स अब बड़े और महंगे घर बन
Maharashtra: मुंबई में अब नौकरीपेशा लोगों के लिए अपना पहला घर खरीदने का सपना टूटता दिख रहा है। शहर में छोटे 1BHK फ्लैट्स की संख्या तेजी से कम हो रही है और उनकी जगह लग्जरी घरों ने ले ली है। बिल्डर्स अब बड़े और महंगे घर बना रहे हैं, जिससे आम आदमी की पहुंच से घर बाहर होते जा रहे हैं।
1BHK फ्लैट्स क्यों हो रहे हैं कम और क्या है असर
बिल्डर्स का कहना है कि अब 1BHK बनाना उनके लिए फायदेमंद नहीं रहा। जमीन की बढ़ती कीमत और निर्माण खर्च की वजह से वे अब बड़े घरों पर ध्यान दे रहे हैं जिनमें मुनाफा ज्यादा है। ANAROCK के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में घरों का औसत साइज 2025 के 890 sq ft से बढ़कर 2026 में 930 sq ft हो गया है। इसका मतलब है कि अब छोटे घर कम और बड़े घर ज्यादा बन रहे हैं।
घर की कीमत और आम आदमी की कमाई में कितना है अंतर
मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि एक छोटा 400 sq ft का 1BHK घर भी अब 1 से 1.5 करोड़ रुपये का मिल रहा है। इसे खरीदने के लिए एक परिवार की सालाना कमाई 20 से 30 लाख रुपये होनी चाहिए, जो कि एक औसत सैलरी पाने वाले व्यक्ति के लिए बहुत मुश्किल है। इसकी तुलना में दिल्ली NCR, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में इसी बजट में बड़े 2BHK या 3BHK घर मिल जाते हैं।
सरकारी योजनाएं और बाजार के आंकड़े
विवरण
| आंकड़े/जानकारी |
अफोर्डेबल हाउसिंग स्टॉक (2019)
| 40% (नए घरों में) |
अफोर्डेबल हाउसिंग स्टॉक (2025)
| 15% |
Q4 FY 2026 में लॉन्च अफोर्डेबल घर
| कुल यूनिट्स का 22% |
MHADA मुंबई हाउसिंग टारगेट
| 2,538 यूनिट्स |
मुंबई औसत प्रॉपर्टी रेट
| 38,700 रुपये प्रति sq ft |
MHADA ने मुंबई के लिए 2,640 किफायती घरों की लॉटरी निकाली है, जिसके आवेदन 29 अप्रैल 2026 तक भरे जा सकते हैं। साथ ही, सरकार MMR के लिए एक नई रेंटल हाउसिंग पॉलिसी (किराये के घर की नीति) तैयार कर रही है ताकि कम आय वाले लोगों को मदद मिल सके। फिलहाल, मध्यम वर्ग के लोग सस्ते घर की तलाश में शहर के बाहरी इलाकों की तरफ जाने को मजबूर हैं, जिससे उनका सफर और समय दोनों बढ़ गए हैं।