Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी के B.Com सेमेस्टर 6 के पेपर लीक मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। यूनिवर्सिटी के एक अस्थायी चपरासी सुदेश तुकाराम इंदप की अग्रिम जमानत याचिका को मुंबई सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी के B.Com सेमेस्टर 6 के पेपर लीक मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। यूनिवर्सिटी के एक अस्थायी चपरासी सुदेश तुकाराम इंदप की अग्रिम जमानत याचिका को मुंबई सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान पहुँचता है।
पेपर लीक की घटना और आरोपी की भूमिका क्या थी?
यह पूरा मामला अप्रैल 2026 का है जब B.Com सेमेस्टर 6 की परीक्षाएं चल रही थीं। आरोप है कि 13 से 15 अप्रैल के बीच यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) के कंट्रोल रूम से प्रश्न पत्र लीक किए गए। आरोपी सुदेश तुकाराम इंदप, जो वहां अस्थायी चपरासी था, उसे CCTV फुटेज में अपने फोन से प्रश्न पत्रों की फोटो खींचते हुए देखा गया।
कैसे खुला इस घोटाले का राज?
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 15 अप्रैल को बांद्रा के R D National College में चेकिंग हुई। वहां ‘Direct and Indirect Taxes Paper 2’ की परीक्षा के दौरान 6 छात्र मोबाइल फोन के साथ पकड़े गए। इसके बाद CDOE डायरेक्टर प्रोफेसर शिवाजी सरगर ने FIR दर्ज कराई और BKC पुलिस ने आरोपी सुदेश की तलाश शुरू की।
छात्र संगठनों का विरोध और यूनिवर्सिटी की कार्रवाई
इस घटना के बाद ABVP और युवा सेना (UBT) जैसे संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषी अधिकारियों को सस्पेंड करने और पेपर कैंसिल कर हाई लेवल जांच की मांग की। यूनिवर्सिटी ने इस मामले में गोपनीय जांच शुरू कर दी है और कहा है कि नियमों के मुताबिक दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई यूनिवर्सिटी में कौन से पेपर लीक हुए थे?
B.Com सेमेस्टर 6 के कॉस्ट अकाउंटिंग, बिजनेस इकोनॉमिक्स और टैक्सेशन के प्रश्न पत्र लीक होने की बात सामने आई है।
आरोपी चपरासी की जमानत क्यों खारिज हुई?
कोर्ट ने माना कि पेपर लीक करना एक गंभीर अपराध है जो छात्रों के मेरिट और शिक्षा के स्तर को नुकसान पहुँचाता है, इसलिए पूरी जांच के लिए जमानत याचिका खारिज कर दी गई।