Maharashtra : मुंबई यूनिवर्सिटी के BCom पेपर लीक मामले में पुलिस ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में IT एक्ट की धारा 65 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत केस दर्ज किया है। यूनिवर्सिटी प
Maharashtra : मुंबई यूनिवर्सिटी के BCom पेपर लीक मामले में पुलिस ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में IT एक्ट की धारा 65 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत केस दर्ज किया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी गाज गिराई है, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
किन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई और क्या है मामला
यूनिवर्सिटी ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और अनुशासन तोड़ने के आरोप में Indap नाम के एक अस्थायी चपरासी को तुरंत नौकरी से निकाल दिया है। इसके अलावा, तीन अन्य कर्मचारियों Praveen Kotian, Vishal Parab और Abhishek Ghadigavkar को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। इन पर परीक्षा कंट्रोल रूम में बिना अनुमति घुसने और गोपनीयता भंग करने का आरोप है, जिन्हें 7 दिन के भीतर जवाब देना होगा।
पेपर लीक की घटना और यूनिवर्सिटी की लापरवाही
यह मामला 15 अप्रैल 2026 को तब सामने आया जब Direct and Indirect Taxes की परीक्षा से पहले कुछ छात्रों के पास प्रश्न पत्र मिल गया। यूनिवर्सिटी की फ्लाइंग स्क्वॉड ने बांद्रा के एक कॉलेज में छह छात्रों के पास वही पेपर पाया, जिस पर सेंटर नंबर ‘270’ का वॉटरमार्क था। यह पेपर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कोचिंग सेंटरों में फैलाया गया था।
बैक-अप पेपर का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया
नियमों के मुताबिक, अगर पेपर लीक होने का शक हो तो बैक-अप पेपर का इस्तेमाल करना चाहिए। यूनिवर्सिटी में हर परीक्षा के लिए तीन पेपर तैयार रखने का प्रावधान है। Yuva Sena के सदस्य Pradeep Sawant ने सवाल उठाया है कि जब अधिकारियों को लीक की जानकारी थी, तो बैक-अप पेपर क्यों नहीं लगाया गया और CDOE के डायरेक्टर की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई।
| तारीख |
घटना/कार्रवाई |
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