Maharashtra: मुंबई के एन एम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में बीजेपी नेताओं के खिलाफ फेसबुक पोस्ट करने के मामले में फंसे यूके नागरिक संग्राम पाटिल ने बॉम्बे हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। संग्राम पाटिल यूके की नेशनल हेल्
Maharashtra: मुंबई के एन एम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में बीजेपी नेताओं के खिलाफ फेसबुक पोस्ट करने के मामले में फंसे यूके नागरिक संग्राम पाटिल ने बॉम्बे हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। संग्राम पाटिल यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) में डॉक्टर हैं और एक यूट्यूबर भी हैं। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और भारत वापस आएंगे।
संग्राम पाटिल पर क्या हैं आरोप और अब तक क्या हुआ?
संग्राम पाटिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ अन्य बीजेपी नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने का आरोप है। इस मामले में दिसंबर 2025 में एफआईआर दर्ज की गई थी। मुंबई पुलिस ने कोर्ट में कहा कि यह कार्रवाई भारत की वैश्विक छवि और प्रधानमंत्री के सम्मान को बनाए रखने के लिए जरूरी थी। पाटिल को जनवरी 2026 में एयरपोर्ट पर रोका गया था क्योंकि उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी था।
कोर्ट की शर्त और डॉक्टर पाटिल की मांग क्या है?
जस्टिस अश्विन डी भोबे ने पाटिल और उनके जलगांव निवासी माता-पिता से जांच में सहयोग करने का हलफनामा मांगा था। पाटिल ने 24 अप्रैल 2026 को अपना हलफनामा जमा किया। उन्होंने कोर्ट से कहा कि यूके में अपनी डॉक्टरी ड्यूटी के कारण उन्हें भारत आने के लिए कम से कम 15 दिन पहले सूचना दी जाए। यह सूचना उन्हें ईमेल या यूके के पते पर भेजी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह हलफनामा सिर्फ कोर्ट के आदेश को मानने के लिए है, इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने अपनी गलती मान ली है।
अगली सुनवाई और सरकार का रुख
महाराष्ट्र सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने कोर्ट को बताया कि अगर पाटिल जांच में सहयोग करने का वादा करते हैं, तो सरकार को LOC हटाने में कोई आपत्ति नहीं होगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 मई 2026 को होगी, जिसमें आगे का फैसला लिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संग्राम पाटिल कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
संग्राम पाटिल यूके के नागरिक और NHS में डॉक्टर हैं। उन पर बीजेपी नेताओं और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने का आरोप है।
बॉम्बे हाई कोर्ट में पाटिल ने क्या शर्त रखी है?
पाटिल ने कहा है कि वह जांच के लिए भारत आएंगे, लेकिन उन्हें अपनी प्रोफेशनल ड्यूटी की वजह से कम से कम 15 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए।