Mumbai में भारी बारिश का असर, तुलसी और विहार झीलें लबालब, अभी भी जारी रहेगा 10% पानी का कट
Maharashtra: मुंबई की सबसे छोटी जल आपूर्ति झील तुलसी भारी बारिश के बाद लबालब हो गई है। मंगलवार रात 11:43 बजे यह झील ओवरफ्लो हुई, जबकि इससे पहले रात 9:00 बजे विहार झील भी भर चुकी थी। ये दोनों झीलें BMC की सीमा के भीतर आने
Maharashtra: मुंबई की सबसे छोटी जल आपूर्ति झील तुलसी भारी बारिश के बाद लबालब हो गई है। मंगलवार रात 11:43 बजे यह झील ओवरफ्लो हुई, जबकि इससे पहले रात 9:00 बजे विहार झील भी भर चुकी थी। ये दोनों झीलें BMC की सीमा के भीतर आने वाले इकलौते जलाशय हैं।
इस बार झीलें समय से काफी पहले भर गई हैं। पिछले साल 2025 में तुलसी झील 16 अगस्त को और 2024 में 4 अगस्त को ओवरफ्लो हुई थी। BMC के वाटर इंजीनियरिंग विभाग ने बताया कि लगातार हो रही बारिश की वजह से यह स्थिति बनी है। हालांकि, झीलें भरने के बावजूद शहर के लोगों को अभी राहत नहीं मिलने वाली है। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने साफ किया है कि फिलहाल 10% पानी की कटौती हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि लक्ष्य 30 सितंबर तक सभी सात झीलों को 100% भरना है।
भारी बारिश का असर शहर की रफ्तार पर भी पड़ा है। सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। IMD ने बुधवार को मुंबई और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है, हालांकि 9 जुलाई से बारिश में कमी आने की उम्मीद है।
BMC ने सोशल मीडिया पर फैल रहे उन मैसेज को गलत बताया है जिनमें स्कूलों की छुट्टी और वर्क फ्रॉम होम की बात कही गई थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।
तुलसी झील की क्षमता 8,046 मिलियन लीटर है और यह शहर को रोजाना औसतन 18 मिलियन लीटर पानी देती है। इसका अतिरिक्त पानी सीधे विहार झील में जाता है। 8 जुलाई तक मुंबई को पानी देने वाली सभी सात झीलों में कुल जल स्तर 41.43% तक पहुंचा है।