Mumbai में सड़क हादसा: कोर्ट ने मां और बीमा कंपनी को बेटे को 40 लाख रुपये मुआवजा देने का दिया आदेश

Maharashtra/Mumbai: मुंबई की एक मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने एक अनोखे मामले में फैसला सुनाया है। यहां एक 15 साल के घायल बेटे ने अपनी ही मां के खिलाफ मुआवजे की मांग की थी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि मां Madhavi Tava

Maharashtra/Mumbai: मुंबई की एक मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने एक अनोखे मामले में फैसला सुनाया है। यहां एक 15 साल के घायल बेटे ने अपनी ही मां के खिलाफ मुआवजे की मांग की थी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि मां Madhavi Tavale और Tata AIG General Insurance Company मिलकर बेटे को ब्याज समेत करीब 40 लाख रुपये का मुआवजा दें।

यह मामला Worli के रहने वाले Manish Tavale से जुड़ा है। वह अपने चचेरे भाई के साथ स्कूटर पर पीछे बैठा था, तभी मोड़ पर गाड़ी फिसल गई और दोनों सड़क किनारे सीमेंट बैरियर से जा टकराए। इस हादसे में मनीष के सिर में गंभीर चोट आई, जिसकी वजह से उसके शरीर के बाएं हिस्से में स्थायी कमजोरी आ गई और उसे न्यूरोलॉजिकल डिसेबिलिटी हो गई।

मनीष के पिता ने नवंबर 2019 में ट्रिब्यूनल में यह मामला दर्ज कराया था। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दलील दी कि मां, बेटे और स्कूटर चलाने वाले चचेरे भाई के बीच मिलीभगत है, लेकिन कोर्ट ने सबूतों की कमी के कारण इस बात को खारिज कर दिया। कोर्ट ने मेडिकल रिकॉर्ड्स के आधार पर हादसे और विकलांगता के बीच सीधा संबंध पाया।

बीमा कंपनी ने सड़क के गड्ढों और रेत का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की, लेकिन ट्रिब्यूनल ने कहा कि ऐसी स्थितियों में ड्राइवर को और ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और रफ्तार कम रखनी चाहिए। साथ ही, हेलमेट न पहनने की बात पर कोर्ट ने कहा कि बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर पाई कि हेलमेट पहनने से चोटें कम होतीं। चूंकि गाड़ी का बीमा वैध था, इसलिए कोर्ट ने Tata AIG General Insurance को पूरा मुआवजा जमा करने का निर्देश दिया है।