Mumbai ट्रेन ब्लास्ट की बरसी: 200 से ज्यादा लोगों की जान ली थी धमाकों ने, अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों को आज कई साल बीत चुके हैं, लेकिन उस शाम का दर्द आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। 11 जुलाई 2006 को शाम के रश ऑवर के दौरान पश्चिमी लाइन की ट्रेनों में हुए इन
Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों को आज कई साल बीत चुके हैं, लेकिन उस शाम का दर्द आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। 11 जुलाई 2006 को शाम के रश ऑवर के दौरान पश्चिमी लाइन की ट्रेनों में हुए इन धमाकों ने पूरे देश को हिला दिया था। इस आतंकी हमले में 209 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
यह हमला बहुत ही सोचे-समझे तरीके से किया गया था। आतंकियों ने प्रेशर कुकर में RDX और अमोनियम नाइट्रेट भरकर उन्हें ट्रेनों के फर्स्ट क्लास डिब्बों में रखा था। महज 11 मिनट के अंदर सात अलग-अलग स्टेशनों पर धमाके हुए। माटुंगा रोड, माहिम जंक्शन, बांद्रा, खार रोड, जोगेश्वरी, भायंदर और बोरीवली जैसे स्टेशन इस हमले की चपेट में आए थे। जांच में सामने आया कि इस साजिश के पीछे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और SIMI का हाथ था, जिसे ISI का समर्थन प्राप्त था।
इस मामले की कानूनी लड़ाई काफी लंबी चली है। 2015 में एक स्पेशल MCOCA कोर्ट ने 12 लोगों को दोषी ठहराया था, जिनमें से पांच को मौत की सजा और सात को उम्रकैद मिली थी। हालांकि, 21 जुलाई 2025 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने सबूतों की कमी बताते हुए इन सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि सरकारी वकील आरोपों को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहे।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 24 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के बरी करने वाले आदेश पर रोक लगा दी है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि जो आरोपी जेल से बाहर आ चुके हैं, उन्हें वापस जेल नहीं भेजा जाएगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 11 जुलाई 2006 |
| कुल मौतें | 209 |
| कुल घायल | लगभग 714 |
| प्रभावित लाइन | Western Line (मुंबई लोकल) |
| इस्तेमाल किया गया विस्फोटक | RDX और अमोनियम नाइट्रेट |
| जांच एजेंसी | Mumbai Police ATS |