Mumbai ट्रेन ब्लास्ट की 20वीं बरसी, पीड़ितों ने कहा अब तक नहीं मिला न्याय
Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए भीषण बम धमाकों को आज 20 साल पूरे हो गए हैं। 11 जुलाई 2006 की उस शाम को कोई नहीं भूल पाया है जब शाम के रश ऑवर के दौरान सात धमाकों ने पूरे शहर को हिला दिया था। आज इस हादसे की याद
Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए भीषण बम धमाकों को आज 20 साल पूरे हो गए हैं। 11 जुलाई 2006 की उस शाम को कोई नहीं भूल पाया है जब शाम के रश ऑवर के दौरान सात धमाकों ने पूरे शहर को हिला दिया था। आज इस हादसे की याद में वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने माहिम स्टेशन पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और फूल अर्पित किए।
यह हमला वेस्टर्न लाइन की ट्रेनों के फर्स्ट क्लास डिब्बों को निशाना बनाकर किया गया था। शाम 6:24 से 6:35 के बीच महज 11 मिनट के अंदर हुए इन धमाकों में 209 लोगों की जान गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर साजिश रचने का आरोप लगाया था।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 11 जुलाई 2006 |
| कुल मौतें | 209 लोग |
| कुल घायल | 700 से अधिक |
| प्रभावित लाइन | वेस्टर्न रेलवे (मुंबई लोकल) |
| मुख्य स्टेशन | माटुंगा रोड, माहिम, बांद्रा, खार रोड, जोगेश्वरी, भायंदर और बोरीवली |
| जांच एजेंसी | Anti-Terrorism Squad (ATS) |
इस मामले में कानूनी लड़ाई अब भी जारी है। साल 2015 में एक निचली अदालत ने 12 लोगों को सजा सुनाई थी, लेकिन जुलाई 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इन सभी को बरी कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा। महाराष्ट्र सरकार ने इस फैसले को चौंकाने वाला बताया और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बरी किए गए लोगों की रिहाई पर रोक नहीं लगाई।
आज जब इस हादसे की 20वीं बरसी आई, तो कई सर्वाइवर्स ने अपना दर्द बयां किया। उनका कहना है कि वे आज भी शारीरिक विकलांगता और डर के साये में जी रहे हैं। कई पीड़ितों के पास कृत्रिम अंग (prosthetics) खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। बरी किए गए आरोपियों के फैसले ने पीड़ितों के पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि असली गुनहगार अब भी बाहर हैं और उन्हें न्याय नहीं मिला। चर्चगेट स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और कड़ी चेकिंग की मांग की।