H-1B वीजा की लॉटरी में 3 बार फेल हुए मुंबई के टेक प्रोफेशनल को मिला O-1 वीजा, खर्च किए 13 हजार डॉलर

Maharashtra: मुंबई के एक टेक प्रोफेशनल सोहन सेठी ने अमेरिका में रहने का एक वैकल्पिक रास्ता खोज निकाला है। H-1B वीजा की लॉटरी में लगातार तीन बार असफल होने के बाद सोहन ने O-1 वीजा हासिल किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस शिका

Maharashtra: मुंबई के एक टेक प्रोफेशनल सोहन सेठी ने अमेरिका में रहने का एक वैकल्पिक रास्ता खोज निकाला है। H-1B वीजा की लॉटरी में लगातार तीन बार असफल होने के बाद सोहन ने O-1 वीजा हासिल किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस शिकागो से 2023 में ग्रेजुएट हुए सोहन के लिए यह पिछले एक साल की करियर अनिश्चितता को खत्म करने वाला बड़ा कदम रहा है।

सोहन ने इस प्रक्रिया के लिए जून 2025 से ही तैयारी शुरू कर दी थी, क्योंकि उनका STEM OPT 5 जुलाई 2026 को खत्म होने वाला था। उन्होंने अपनी योग्यता सुधारने और जरूरी कागजात जुटाने के लिए काफी समय लगाया। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया और याचिका तैयार करने में उन्होंने लगभग 13,000 डॉलर खर्च किए। मार्च 2026 में तीसरी बार लॉटरी से नाम न निकलने के बाद उन्होंने अप्रैल 2026 में O-1 वीजा के लिए आवेदन किया और अगस्त 2026 में उन्हें इसकी मंजूरी मिल गई।

O-1 वीजा उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यापार या खेल जैसे क्षेत्रों में असाधारण क्षमता दिखाई हो। H-1B के विपरीत, O-1 वीजा के लिए कोई सालाना कोटा या लॉटरी सिस्टम नहीं होता है। इसके लिए आवेदक को आठ में से कम से कम तीन मानदंडों को पूरा करना होता है और अपने दावों के सबूत देने पड़ते हैं।

विवरण जानकारी
USCIS अप्रूवल रेट (FY 2026 Q2) 91.2%
O-1 RFE रेट (FY 2025) 19.7%
सोहन सेठी का खर्च लगभग 13,000 डॉलर
O-1 आवेदन की तारीख अप्रैल 2026

पूर्व अमेरिकी वाणिज्य दूतावास अधिकारियों के अनुसार, USCIS से मंजूरी मिलने के बाद भी वीजा स्टैम्पिंग के समय इंटरव्यू में अपनी असाधारण क्षमता को साबित करना जरूरी होता है। वहीं, एक प्रस्तावित नियम के तहत भविष्य में रोजगार खत्म होने पर मिलने वाली 60 दिनों की ग्रेस पीरियड को हटाया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों को तुरंत अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है।