Mumbai में प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए फ्री लीगल और मेडिकल मदद, Instagram बना जानकारी का जरिया

Maharashtra: मुंबई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच अब ऑनलाइन माध्यमों से मदद पहुंचाई जा रही है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कानूनी सहायता और मेडिकल म

Maharashtra: मुंबई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच अब ऑनलाइन माध्यमों से मदद पहुंचाई जा रही है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कानूनी सहायता और मेडिकल मदद देने के लिए Instagram और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया के जरिए कानूनी सलाह देने वाले वकीलों और डॉक्टरों के संपर्क नंबर साझा किए जा रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर छात्र तुरंत मदद ले सकें।

इस दौरान कई कानूनी विशेषज्ञों और संस्थाओं ने आगे आकर छात्रों का साथ दिया है। Tushar Gandhi ने 24 जुलाई 2026 को ‘Lawyers of Students’ नाम का एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जिसका मकसद देशभर के प्रदर्शनकारी छात्रों को मुफ्त कानूनी सहायता देना है। वहीं, Hum Bharat Ke Log नाम के ग्रुप ने ‘Indian National Students Legal Defense Network’ शुरू किया है, जो WhatsApp SOS हेल्पलाइन के जरिए छात्रों को वकीलों से जोड़ रहा है।

मुंबई हाई कोर्ट के नौ वकीलों की एक टीम भी मुफ्त कानूनी मदद दे रही है, जिसमें वकील Vikrant Khare शामिल हैं। सीनियर वकील Satish Maneshinde ने भी स्पष्ट किया है कि कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे किसी भी छात्र को वह मुफ्त (pro bono) कानूनी सहायता देंगे। Bombay Bar Association (BBA) ने पुलिस द्वारा छात्रों पर बल प्रयोग की कड़ी आलोचना की है और इसे असंवैधानिक बताया है।

मेडिकल मदद के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। Therapist Aishwarya Chawla ने एक Google Drive लिंक बनाया है जिसमें वकीलों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के नंबर दिए गए हैं। ‘Cockroach Movement’ के संस्थापक Abhijeet Dipke के मुताबिक करीब 150 प्रदर्शनकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से डॉक्टर भी प्रदर्शन स्थलों पर पहुंचे हैं, जिन्हें जनता के दान से दवाइयां और अन्य सामान मिल रहा है।

दूसरी तरफ, मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त तक धारा 37 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है, जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक है। महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हिरासत में लिए गए छात्रों को FIR की कॉपी नहीं दी गई और उन्हें कानूनी मदद से वंचित रखा गया। सरकार के पास शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए 25 जुलाई की दोपहर तक का समय था।