Maharashtra: मुंबई के मशहूर वड़ा पाव स्टॉल्स अब प्रशासन की नजर में हैं। शहर में फूड सेफ्टी अधिकारियों ने छापेमारी शुरू कर दी है ताकि यह देखा जा सके कि कोई दुकानदार खाने को अखबार या रिसाइकिल किए हुए कागज में तो नहीं परोस
Maharashtra: मुंबई के मशहूर वड़ा पाव स्टॉल्स अब प्रशासन की नजर में हैं। शहर में फूड सेफ्टी अधिकारियों ने छापेमारी शुरू कर दी है ताकि यह देखा जा सके कि कोई दुकानदार खाने को अखबार या रिसाइकिल किए हुए कागज में तो नहीं परोस रहा है। FSSAI और स्थानीय अधिकारी अब इस नियम को सख्ती से लागू कर रहे हैं।
अखबार में खाना परोसना क्यों है मना
Food Safety and Standards (Packaging) Regulations, 2018 के तहत अखबार या किसी भी प्रिंटेड कागज का इस्तेमाल खाना रखने, लपेटने या परोसने के लिए करना पूरी तरह बैन है। FSSAI ने साफ किया है कि अखबार की स्याही सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। यह नियम केवल वड़ा पाव ही नहीं, बल्कि समोसा, पकौड़ा और भजिया जैसे तले हुए स्नैक्स पर भी लागू होता है।
कब से लागू है यह नियम और क्या है कार्रवाई
अखबार के इस्तेमाल पर रोक 1 जुलाई 2019 से प्रभावी हो चुकी थी। हाल ही में 5 जून 2026 को एक मशहूर वड़ा पाव विक्रेता द्वारा अखबार का उपयोग करने पर FSSAI वेस्ट रीजन और MCGM ने संयुक्त कार्रवाई की। इसके बाद 6 जून से 11 जून 2026 के बीच मुंबई के कई स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन में जांच अभियान चलाया गया।
किन चीजों पर लगाया गया है प्रतिबंध
- तैयार खाने को अखबार में लपेटना या पैक करना।
- तले हुए स्नैक्स को अखबार के कागज पर परोसना।
- बने हुए खाने या सामग्री को अखबार से ढकना।
- तली हुई चीजों का अतिरिक्त तेल सोखने के लिए अखबार का उपयोग करना।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अखबार में खाना परोसना कानूनी रूप से गलत है?
हाँ, Food Safety and Standards (Packaging) Regulations, 2018 के अनुसार अखबार या किसी भी प्रिंटेड कागज का उपयोग खाना पैक करने या परोसने के लिए करना सख्त मना है।
यह नियम किन दुकानदारों पर लागू होता है?
यह नियम स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेस्टोरेंट, क्लाउड किचन, कैटरर्स और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) समेत सभी खाद्य व्यवसायों पर लागू होता है।