Maharashtra: मुंबई में आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने की योजना अब विवादों में फंस गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इंसानों की सुरक्षा को जानवरों के कल्याण से ऊपर रखा है, जिसके बाद BMC ने शहर में शेल्टर बनाने की तैयारी शुरू की।
Maharashtra: मुंबई में आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने की योजना अब विवादों में फंस गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इंसानों की सुरक्षा को जानवरों के कल्याण से ऊपर रखा है, जिसके बाद BMC ने शहर में शेल्टर बनाने की तैयारी शुरू की। लेकिन अब पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस योजना का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है, उनका कहना है कि इस आदेश का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
BMC का क्या है प्लान और क्यों हो रहा है विरोध
BMC ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर Malad, Malvani और Chembur में स्थायी शेल्टर बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए गैर-लाभकारी संस्थाओं (NGOs) से प्रस्ताव मांगे गए थे, लेकिन बहुत कम रिस्पॉन्स मिलने के कारण डेडलाइन बढ़ानी पड़ी। PETA India के कानूनी सलाहकार Meet Ashar का कहना है कि शेल्टर बनाने से नसबंदी (Sterilization) के बजट में कमी आएगी, जो असल समाधान है। उनका यह भी मानना है कि कुत्तों को हटाने से खाली हुई जगह पर दूसरे कुत्ते आ जाएंगे, जिससे यह पूरी कवायद बेकार हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में क्या कहा गया है
सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2026 को साफ किया कि Article 21 के तहत नागरिकों को बिना डर के सुरक्षित घूमने का अधिकार है। कोर्ट ने आदेश दिया कि स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए। साथ ही, पागल या बहुत खतरनाक कुत्तों के लिए इच्छामृत्यु (Euthanasia) की अनुमति भी दी गई है। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे हर जिले में कम से कम एक Animal Birth Control (ABC) सेंटर शुरू करें और 7 अगस्त 2026 तक इसकी रिपोर्ट हाई कोर्ट में जमा करें।
पंजाब सरकार और मशहूर हस्तियों की राय
इस मामले में सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि Punjab में भी हलचल है। अभिनेत्री Raveena Tandon ने पंजाब के मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस फैसले को इंसानियत के साथ लागू किया जाए। उन्होंने नसबंदी और सही पुनर्वास पर जोर दिया है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री Maneka Gandhi ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और कानून के दायरे में रहकर काम करें। Humanity World Foundation के Shiraz Ahmad के मुताबिक, कुत्तों को उनके जाने-पहचाने माहौल से हटाने से वे अधिक आक्रामक हो सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में क्या आदेश दिया है
कोर्ट ने कहा है कि इंसानों की सुरक्षा प्राथमिकता है और सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल और अस्पताल से कुत्तों को हटाया जाए। साथ ही, खतरनाक कुत्तों के लिए इच्छामृत्यु और हर जिले में एक ABC सेंटर बनाने का निर्देश दिया है।
मुंबई में शेल्टर होम बनाने का विरोध क्यों हो रहा है
कार्यकर्ताओं का मानना है कि शेल्टर बनाने से नसबंदी के संसाधनों में कमी आएगी और यह क्रूरता होगी। उनका तर्क है कि कुत्तों को हटाने से ‘वैक्यूम इफेक्ट’ पैदा होगा और नई जगह पर फिर से कुत्ते आ जाएंगे।