Mumbai: Reliance ADA ग्रुप केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, CBI को Devang Mody को चार्जशीट देने का आदेश

Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने Reliance Commercial Finance Ltd (RCFL) के पूर्व डायरेक्टर और CEO Devang Mody को राहत देते हुए CBI को चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी आरो

Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने Reliance Commercial Finance Ltd (RCFL) के पूर्व डायरेक्टर और CEO Devang Mody को राहत देते हुए CBI को चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी आरोपी को कानूनी मदद के लिए चार्जशीट पाने का पूरा हक है और इसमें देरी नहीं होनी चाहिए।

यह मामला Reliance ADA ग्रुप से जुड़े बैंक धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ा है। स्पेशल जज नितिन वी जीवाने ने फैसला सुनाते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत आरोपी को बिना किसी देरी के दस्तावेज मिलना चाहिए। CBI ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि अभी कोर्ट ने मामले का संज्ञान (Cognisance) नहीं लिया है, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। जज ने कहा कि चार्जशीट की जांच और रजिस्ट्रेशन हो चुका है, इसलिए आरोपी को इसकी कॉपी मिलना जरूरी है।

दस्तावेजों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण कोर्ट ने आदेश दिया कि चार्जशीट की कॉपी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दी जाए। बचाव पक्ष की दलील थी कि कानूनन 14 दिनों के भीतर दस्तावेज मिलने चाहिए थे, जबकि CBI का कहना था कि जांच अभी जारी है क्योंकि कुछ सरकारी कर्मचारियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच होनी बाकी है।

इस पूरे मामले की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
मुख्य आरोपी Devang Mody (पूर्व CEO, RCFL)
जांच एजेंसी CBI
कुल अनुमानित नुकसान ₹4,097 करोड़
प्रभावित बैंक 13 सरकारी बैंकों का कंसोर्टियम (बैंक ऑफ महाराष्ट्र समेत)
कानूनी आधार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)
चार्जशीट फाइल की तारीख 7 जुलाई, 2026

CBI ने 7 जुलाई 2026 को दाखिल अपनी पहली चार्जशीट में Reliance Infrastructure Ltd और Reliance Home Finance Ltd समेत सात आरोपियों के नाम शामिल किए थे। आरोप है कि RCFL ने बैंकों से कर्ज लिया और उस पैसे को Reliance ADA ग्रुप की अन्य कंपनियों में भेज दिया, जिससे सरकारी बैंकों को भारी नुकसान हुआ।