Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने ड्रग्स मामले में फंसे 37 साल के ड्राइवर Danish Shaikh को बरी कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि पुलिस की जांच में कई बड़ी गलतियां हुई थीं, जिसकी वजह से आरोपी को सजा नहीं दी जा सकती। यह
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने ड्रग्स मामले में फंसे 37 साल के ड्राइवर Danish Shaikh को बरी कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि पुलिस की जांच में कई बड़ी गलतियां हुई थीं, जिसकी वजह से आरोपी को सजा नहीं दी जा सकती। यह फैसला गुरुवार, 28 मई 2026 को सुनाया गया।
क्या था पूरा मामला और कितनी ड्रग्स मिली थी
पुलिस के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2022 को Bandra Court और Kherwadi Pumping Centre के पास से Danish Shaikh को पकड़ा गया था। जांच एजेंसी Anti-Narcotic Cell (ANC) ने आरोप लगाया था कि उसके पास 215 ग्राम Mephedrone ड्रग्स थी। यह मात्रा कमर्शियल लेवल की मानी जाती है, जिसमें सजा काफी सख्त होती है।
कोर्ट ने किन कमियों की वजह से ड्राइवर को छोड़ा
Special NDPS Judge V M Sundale ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि पुलिस ने जांच के नियमों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि जब्त किए गए माल (muddemal) की कस्टडी का रिकॉर्ड सही नहीं था और सर्च के तरीके में भी काफी विरोधाभास था।
- पुलिस सबूतों की सीलिंग और इन्वेंट्री बनाने में नाकाम रही।
- कोर्ट ने माना कि नियमों की अनदेखी से सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना बनी रहती है।
- Defence advocate Dilip Mishra ने कोर्ट में इन खामियों को मजबूती से रखा।
- जज ने कहा कि पुलिस के सबूत इतने पुख्ता नहीं थे कि आरोपी को सजा दी जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Danish Shaikh को कोर्ट ने क्यों बरी किया?
कोर्ट ने पाया कि Anti-Narcotic Cell (ANC) ने जांच में गंभीर लापरवाही की और सबूतों की कस्टडी का सही रिकॉर्ड नहीं रखा, जिससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका थी।
आरोपी के पास से कितनी ड्रग्स बरामद हुई थी?
पुलिस ने आरोप लगाया था कि 20 अक्टूबर 2022 को आरोपी के पास से 215 ग्राम Mephedrone बरामद किया गया था।