Maharashtra: मुंबई के H-West वार्ड में पेड़ों की देखभाल के लिए एक नया और आधुनिक तरीका अपनाया गया है। BMC ने ‘स्मार्ट ट्री असेसमेंट पायलट प्रोजेक्ट’ की शुरुआत की है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और LiDAR
Maharashtra: मुंबई के H-West वार्ड में पेड़ों की देखभाल के लिए एक नया और आधुनिक तरीका अपनाया गया है। BMC ने ‘स्मार्ट ट्री असेसमेंट पायलट प्रोजेक्ट’ की शुरुआत की है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और LiDAR तकनीक का इस्तेमाल होगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद शहर के पेड़ों की डिजिटल मैपिंग करना और उनकी सेहत पर नजर रखना है ताकि उन्हें बेहतर तरीके से बचाया जा सके।
इस स्मार्ट प्रोजेक्ट में क्या खास है और कैसे काम करेगा यह सिस्टम
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 29 मई 2026 को महाराष्ट्र के आईटी और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री Ashish Shelar ने की। इसमें गाड़ियों पर लगे LiDAR स्कैनर के जरिए सड़क किनारे के पेड़ों का सर्वे किया जाएगा। यह तकनीक पेड़ों का एक 3D डिजिटल मॉडल तैयार करेगी, जिसे AI के जरिए परखा जाएगा। इसके बाद सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स इन मॉडल्स की जांच करेंगे ताकि यह पता चल सके कि कौन सा पेड़ बीमार है या किस पेड़ से खतरा हो सकता है।
आम लोगों और पर्यावरण को इससे क्या फायदा होगा
अतिरिक्त नगर आयुक्त Avinash Dhakane ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य केवल पेड़ों की गिनती करना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा को पारदर्शी बनाना है। इससे खतरनाक पेड़ों की समय रहते पहचान हो जाएगी, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी। साथ ही, यह सिस्टम अवैध रूप से पेड़ों की कटाई रोकने में भी मदद करेगा। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इसे पूरे मुंबई और भारत के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
BMC के इस कदम और मौजूदा नियमों के बीच क्या चुनौती है
मुंबई में पेड़ों की आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि नियमों के मुताबिक हर पांच साल में यह काम होना चाहिए। इस बीच, पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने BMC के A-वार्ड की आलोचना की है क्योंकि वहां सीमेंट के ट्री गार्ड्स की मरम्मत की जा रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों के अनुसार, पेड़ों के चारों ओर कम से कम 1.5 वर्ग मीटर खुली मिट्टी होनी चाहिए ताकि पेड़ स्वस्थ रह सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्मार्ट ट्री असेसमेंट प्रोजेक्ट क्या है?
यह BMC द्वारा शुरू किया गया एक प्रोजेक्ट है जिसमें AI और LiDAR तकनीक का इस्तेमाल कर पेड़ों की 3D डिजिटल मैपिंग की जाती है, ताकि उनकी सेहत और सुरक्षा की सटीक निगरानी हो सके।
यह प्रोजेक्ट मुंबई के किस इलाके में शुरू हुआ है?
यह पायलट प्रोजेक्ट मुंबई के H-West वार्ड, खासकर बांद्रा वेस्ट के पाली हिल इलाके से शुरू किया गया है।