Maharashtra : मुंबई के गोवंडी, कुर्ला और बांद्रा ईस्ट जैसे इलाकों में झुग्गियां अब ऊपर की तरफ बढ़ रही हैं। शहर में जगह की कमी की वजह से लोग अब 14 फीट की कानूनी ऊंचाई की सीमा को तोड़कर पांच से सात मंजिल तक की इमारतें खड़ी
Maharashtra : मुंबई के गोवंडी, कुर्ला और बांद्रा ईस्ट जैसे इलाकों में झुग्गियां अब ऊपर की तरफ बढ़ रही हैं। शहर में जगह की कमी की वजह से लोग अब 14 फीट की कानूनी ऊंचाई की सीमा को तोड़कर पांच से सात मंजिल तक की इमारतें खड़ी कर रहे हैं। इन ‘स्लम स्काईस्क्रेपर्स’ की वजह से शहर की बुनियादी सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ रहा है।
इन अवैध इमारतों से क्या खतरा बढ़ गया है?
नगर नियोजन विशेषज्ञों और पूर्व टाउन प्लानर ने चेतावनी दी है कि बिना प्लानिंग के खड़ी हुई इन ऊंची इमारतों से पानी और सीवरेज सिस्टम पर बुरा असर पड़ेगा। पानी की सप्लाई आमतौर पर एक परिवार में पांच लोगों के हिसाब से होती है, लेकिन बहुमंजिला इमारतों में आबादी बढ़ने से पानी की भारी किल्लत हो गई है। इसके अलावा, फायर सेफ्टी के नियमों की अनदेखी की वजह से ये इमारतें रहने के लिए असुरक्षित हो गई हैं।
BMC और SRA के नए नियम क्या कहते हैं?
BMC ने 29 अप्रैल 2026 को DCPR 2034 के तहत एक बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब 9 मीटर चौड़ी सड़कों पर भी ऊंची आवासीय इमारतें बनाने की अनुमति मिलेगी। वहीं, SRA ने जनवरी 2026 में सख्त आदेश जारी किया है कि जब तक झुग्गीवासियों का पुनर्वास पूरा नहीं होता और ट्रांजिट रेंट का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक बिल्डर ‘फ्री-सेल’ फ्लैट नहीं बेच पाएंगे।
सरकार और अधिकारियों का इस पर क्या कहना है?
मुंबई उपनगरों के संरक्षक मंत्री Ashish Shelar ने बताया कि शहर की झुग्गियों की मैपिंग की जा रही है और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, SRA CEO महिंद्रा कल्याणकर ने कहा कि नए स्लम क्लस्टर स्कीम के तहत अब एकीकृत और टिकाऊ तरीके से पुनर्विकास किया जाएगा ताकि लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई की झुग्गियों के लिए ऊंचाई की कानूनी सीमा क्या है?
मुंबई नगर निगम अधिनियम के तहत भीड़भाड़ वाले इलाकों में झुग्गियों के लिए 14 फीट की ऊंचाई की सीमा तय है, जो पिछले चार दशकों से लागू है।
SRA के नए नियमों के अनुसार बिल्डरों पर क्या पाबंदी लगी है?
SRA ने आदेश दिया है कि बिल्डर तब तक फ्री-सेल फ्लैट्स को बेच, रजिस्टर या गिरवी नहीं रख सकते, जब तक कि झुग्गीवासियों का पुनर्वास पूरा न हो जाए।