Mumbai के सिद्धिविनायक मंदिर में दान के पैसों की चोरी का मामला गरमाया, 46 कर्मचारी सस्पेंड
Maharashtra: मुंबई के मशहूर सिद्धिविनायक मंदिर में दान के पैसों की हेराफेरी और VIP दर्शन के नाम पर वसूली का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब मंदिर के कर्मचारियों द्वारा दर्शन
Maharashtra: मुंबई के मशहूर सिद्धिविनायक मंदिर में दान के पैसों की हेराफेरी और VIP दर्शन के नाम पर वसूली का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब मंदिर के कर्मचारियों द्वारा दर्शन के लिए पैसे लेने की शिकायतें मिलीं। अब इस मामले में 18 करोड़ रुपये के गबन की बात कही जा रही है, हालांकि पुलिस की किसी भी FIR या चार्जशीट में इस रकम का जिक्र नहीं है।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब MNS प्रमुख Raj Thackeray ने आरोप लगाया कि मंदिर के दान पात्रों से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये निकाले जा रहे हैं। उन्होंने एक पत्र का हवाला दिया जो कथित तौर पर मंदिर ट्रस्ट ने उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde को लिखा था, लेकिन ट्रस्ट ने ऐसे किसी पत्र को भेजने से इनकार किया है।
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन Sada Sarvankar ने स्पष्ट किया है कि ट्रस्ट ने खुद इन गड़बड़ियों को पकड़ा और पुलिस से शिकायत की। उन्होंने बताया कि मई 2026 में ही ट्रस्ट ने दान का ऑडिट कराने की मांग की थी। ट्रस्ट ने इस मामले की शिकायत ACB चीफ Vishwas Nangre Patil से भी की है। ट्रस्ट का दावा है कि जब से चोरी रोकने के कदम उठाए गए हैं, मंदिर की कमाई काफी बढ़ गई है। पहले साप्ताहिक कलेक्शन 50 लाख रुपये से कम था, जो अब बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
पुलिस जांच में पता चला कि यह चोरी 20 मार्च 2026 को पकड़ी गई थी जब दान पात्र से पैसे गायब दिखे। शुरुआत में दादर पुलिस ने 10 हजार रुपये की चोरी की FIR दर्ज की थी, लेकिन जांच के दौरान 80 हजार रुपये बरामद हुए। CCTV फुटेज में देखा गया कि कुछ लोग करीब 10 दिनों तक लगातार एक छोटे दान पात्र से पैसे निकाल रहे थे।
इस मामले में अब तक की बड़ी कार्रवाई इस प्रकार है:
| विवरण | संख्या/जानकारी |
|---|---|
| कुल सस्पेंड कर्मचारी | 46 |
| गिरफ्तार कर्मचारी | 9 |
| पुलिस हिरासत में लिए गए लोग | 8 |
| मुख्य आरोपी कर्मचारी | Rajendra Pendurkar |
महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग ने अब सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट से इस पूरे मामले की विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट मांगी है।