Mumbai के Siddhivinayak मंदिर में अब ऐसे होगी चंदे की गिनती, पुजारियों की जेब में नहीं जाएगा पैसा

Maharashtra/Mumbai : मुंबई के मशहूर श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट ने दान और चंदे की गिनती के लिए बहुत सख्त नियम लागू किए हैं। अब मंदिर में आने वाले श्रद्धालु पुजारियों को सीधे पैसे नहीं दे पाएंगे, ताकि पूरी पारदर्

Maharashtra/Mumbai : मुंबई के मशहूर श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट ने दान और चंदे की गिनती के लिए बहुत सख्त नियम लागू किए हैं। अब मंदिर में आने वाले श्रद्धालु पुजारियों को सीधे पैसे नहीं दे पाएंगे, ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

ट्रस्ट के चेयरमैन सदानंद सरवणकर ने बताया कि पहले लोग पूजा के बाद पुजारियों को सीधे पैसे देते थे और पुजारी उसे अपनी जेब में रख लेते थे, लेकिन अब इस प्रथा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद मंदिर के साप्ताहिक कलेक्शन में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। पहले जहां हर हफ्ते 40-45 लाख रुपये जमा होते थे, वहीं अब यह बढ़कर 95-98 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

मंदिर के खजाने और चंदे के प्रबंधन के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:

विवरण नियम और प्रक्रिया
गिनती का दिन हर बुधवार को साप्ताहिक गिनती होती है
बैंक जमा गिनती के उसी दिन सारा पैसा बैंक में जमा किया जाता है
खर्च की सीमा स्टाफ सैलरी समेत कुल खर्च कलेक्शन के 10% तक सीमित है
निगरानी पूरी प्रक्रिया CCTV कैमरों और मंत्रालय के अधिकारियों की देखरेख में होती है
कीमती सामान सोने और गहनों का वजन कर रसीद दी जाती है और रिकॉर्ड रखा जाता है
ऑडिट प्रक्रिया सील्ड-एनवेलप और L1 टेंडर के जरिए ऑडिटर चुने जाते हैं

ट्रेजरर आचार्य पवन कुमार त्रिपाठी ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 में मंदिर की कुल कमाई 182 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल के मुकाबले 35% ज्यादा है। यह पूरा ट्रस्ट ‘श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर (ट्रस्ट) एक्ट, 1980’ के तहत सरकार के नियंत्रण में काम करता है और इसकी सालाना रिपोर्ट महाराष्ट्र विधानसभा में पेश की जाती है।

श्रद्धालु अब दान के लिए हुंडी, काउंटर, चेक, डिमांड ड्राफ्ट, क्रेडिट/डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस कमाई का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक कल्याण, चिकित्सा सहायता और शिक्षा कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता है।