Mumbai के सिद्धिविनायक मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, दर्शन के लिए लागू हैं ये नए नियम

Maharashtra: मुंबई के मशहूर सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुँचकर बप्पा का आशीर्वाद ले रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट ने भीड़ को संभालने और व्यवस्था ब

Maharashtra: मुंबई के मशहूर सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुँचकर बप्पा का आशीर्वाद ले रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट ने भीड़ को संभालने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में आसानी हो सके।

मंदिर आने वाले भक्तों को अब ड्रेस कोड का पालन करना होगा। जनवरी 2025 से लागू नियमों के मुताबिक, मंदिर परिसर में शॉर्ट स्कर्ट, फटी हुई पैंट या छोटे कपड़े पहनकर आने की मनाही है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके साथ ही, सुरक्षा कारणों से मई 2025 से भक्तों के मंदिर के अंदर नारियल, फूल, माला और मिठाई ले जाने पर रोक लगा दी गई है। केवल दूर्वा घास और चमेली के फूलों की अनुमति है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट ने ऑनलाइन बुकिंग और VIP दर्शन की व्यवस्था की है। मंदिर में प्रवेश से पहले मोबाइल फोन बंद करने का अनुरोध किया गया है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अब प्रसाद प्लास्टिक बैग के बजाय कागज के पैकेट में दिया जा रहा है।

प्रशासनिक मोर्चे पर मंदिर ट्रस्ट ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर का राजस्व 182 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 35% ज्यादा है। इस पैसे का इस्तेमाल जनकल्याण के कामों में किया जाएगा। मार्च 2026 से मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू हो गया है, जिसके पहले चरण में 78.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें मुख्य प्रवेश द्वार को नया रूप देना और छत बनवाना शामिल है।

ट्रस्ट ने आने वाले समय के लिए कई सामाजिक योजनाओं की घोषणा की है। गरीब मरीजों की मदद के लिए 36 करोड़ रुपये और सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के लिए 24 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, उन किसानों के बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाएगी जिन्होंने आत्महत्या की है। लड़कियों के लिए ‘श्री सिद्धिविनायक भाग्यलक्ष्मी योजना’ के तहत नागरिक अस्पतालों में जन्म लेने वाली बच्चियों के नाम पर 10,000 रुपये की FD की जाएगी।